CEO की मौत के साथ दफ्न हुआ पासवर्ड, कंपनी डूबने के कगार पर

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CEO की मौत के साथ दफ्न हुआ पासवर्ड, कंपनी डूबने के कगार पर

नई दिल्ली। कनाडा के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी (सांकेतिक मुद्रा) एक्सचेंज में से एक के संस्थापक की भारत में अचानक मौत से कनाडा में लाखों लोग सकते में है सीईओ के मौत के बाद करीब डेढ़ लाख निवेशकों के पैसे एक पासवर्ड की वजह से डूबने की कगार पर है।

Canadian Cryptocurrency Firm Ceo Gerald Died With 190 Million Dollar Password In Jaipur :

वहीं इस एक्चेंज को दिवालिया कानून के तहत संरक्षण दिया गया है। दरअसल, संस्थापक की अचानक मौत होने के बाद हजारों उपभोक्ताओं का करीब 14.50 (10,37,54,75,000 रुपये) करोड़ डॉलर फंस गया है। एक्सचेंज के खातों का पासवर्ड सिर्फ संस्थापक को ही मालूम था।

गेराल्ड कॉटन की उम्र महज 30 साल की थी। ब्लूमबर्ग पर उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, गेराल्ड 5 फरवरी 2015 से क्वाड्रिगा सीएक्स के प्रेजिडेंट थे। दिसंबर 2013 से 5 फरवरी 2015 तक वह कंपनी के सीईओ रहे थे। टोरंटो के यॉर्क यूनिवर्सिटी से 2010 में बीबीए की डिग्री हासिल करने वाले गेराल्ड को डिजिटल करंसी के क्षेत्र में 11 वर्षों का अनुभव प्राप्त था।

वह बिटकॉइन फाउंडेशन के सदस्य भी थे। उन्होंने दिसंबर 2013 से वैंकुवर बिटकॉइन को-ऑप के डायरेक्टर रह चुके थे। 2016 की शुरुआत में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि कनाडा के बिटकॉइन मार्केट में उनकी कंपनी की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

गेराल्ड के मरने की खबर तब सामने आई जब उनकी पत्नी जेनिफर रॉबर्टसन और उनकी कंपनी ने कनाडा की कोर्ट में क्रेडिट प्रोटेक्शन की अपील दायर की। याचिका में कहा गया कि वे गेराल्ड के एनक्रिप्टेड अकाउंट (जिसमें उनकी संपत्ति है) को अनलॉक नहीं कर पा रहे हैं। इसी अकाउंट में लगभग 190 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरंसी भी लॉक्ड है।

नई दिल्ली। कनाडा के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी (सांकेतिक मुद्रा) एक्सचेंज में से एक के संस्थापक की भारत में अचानक मौत से कनाडा में लाखों लोग सकते में है सीईओ के मौत के बाद करीब डेढ़ लाख निवेशकों के पैसे एक पासवर्ड की वजह से डूबने की कगार पर है। वहीं इस एक्चेंज को दिवालिया कानून के तहत संरक्षण दिया गया है। दरअसल, संस्थापक की अचानक मौत होने के बाद हजारों उपभोक्ताओं का करीब 14.50 (10,37,54,75,000 रुपये) करोड़ डॉलर फंस गया है। एक्सचेंज के खातों का पासवर्ड सिर्फ संस्थापक को ही मालूम था। गेराल्ड कॉटन की उम्र महज 30 साल की थी। ब्लूमबर्ग पर उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, गेराल्ड 5 फरवरी 2015 से क्वाड्रिगा सीएक्स के प्रेजिडेंट थे। दिसंबर 2013 से 5 फरवरी 2015 तक वह कंपनी के सीईओ रहे थे। टोरंटो के यॉर्क यूनिवर्सिटी से 2010 में बीबीए की डिग्री हासिल करने वाले गेराल्ड को डिजिटल करंसी के क्षेत्र में 11 वर्षों का अनुभव प्राप्त था। वह बिटकॉइन फाउंडेशन के सदस्य भी थे। उन्होंने दिसंबर 2013 से वैंकुवर बिटकॉइन को-ऑप के डायरेक्टर रह चुके थे। 2016 की शुरुआत में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि कनाडा के बिटकॉइन मार्केट में उनकी कंपनी की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है। गेराल्ड के मरने की खबर तब सामने आई जब उनकी पत्नी जेनिफर रॉबर्टसन और उनकी कंपनी ने कनाडा की कोर्ट में क्रेडिट प्रोटेक्शन की अपील दायर की। याचिका में कहा गया कि वे गेराल्ड के एनक्रिप्टेड अकाउंट (जिसमें उनकी संपत्ति है) को अनलॉक नहीं कर पा रहे हैं। इसी अकाउंट में लगभग 190 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरंसी भी लॉक्ड है।