कैंसर से पीड़ित कैदी की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, ‘मां की गोद में मरना चाहता हूं’

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कैंसर से पीड़ित कैदी की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, 'मां की गोद में मरना चाहता हूं'

नई दिल्ली। जेल में मुंह के कैंसर से जूझ रहे एक आरोपी ने अपनी ‘मां की गोद में दम तोड़ने के लिए’ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से जमानत की गुहार लगाई है। उसका कैंसर थर्ड स्टेज में पहुंच चुका है। शीर्ष कोर्ट ने राजस्थान पुलिस से याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया सौंपने के लिए है।

Cancer Patient Wants To Die In Mothers Lap Know The Reason :

जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस अनरुद्ध बोस की वकेशन बेंच ने कैदी की याचिका पर पांच जून तक पुलिस से जवाब मांगा है। उसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई भी होगी। कैदी को जाली नोट के साथ पकड़ा गया था तब से वह जेल में है। इस मामले में उसने राजस्थान हाई कोर्ट ने अपील भी की थी लेकिन 24 अप्रैल को उसे अंतरिम जमानत देने की अर्जी ठुकरा दी थी।

हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कैदी ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे थर्ड स्टेज का कैंसर है और रोज जयपुर के एक अस्पताल में उसकी रेडियोथेरेपी हो रही है। कैदी ने आरोप लगाया है कि उसे सही इलाज नहीं मिला, जिसके कारण उसका इलाज समय पर नहीं हो सका।

उसका कहना है कि मेरी याचिका इसलिए खारिज कर दी जा रही है क्योंकि बताया जा रहा है कि उसका सवाई मान सिंह अस्पताल जयुपर में इलाज चल रहा है और पिछले आठ महीने से हर रोज उसकी रेडियोथेरपी हो रही है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा है कि वह इस मामले में जल्द से जल्द फैसला सुनाए।

नई दिल्ली। जेल में मुंह के कैंसर से जूझ रहे एक आरोपी ने अपनी 'मां की गोद में दम तोड़ने के लिए' सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से जमानत की गुहार लगाई है। उसका कैंसर थर्ड स्टेज में पहुंच चुका है। शीर्ष कोर्ट ने राजस्थान पुलिस से याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया सौंपने के लिए है। जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस अनरुद्ध बोस की वकेशन बेंच ने कैदी की याचिका पर पांच जून तक पुलिस से जवाब मांगा है। उसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई भी होगी। कैदी को जाली नोट के साथ पकड़ा गया था तब से वह जेल में है। इस मामले में उसने राजस्थान हाई कोर्ट ने अपील भी की थी लेकिन 24 अप्रैल को उसे अंतरिम जमानत देने की अर्जी ठुकरा दी थी। हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कैदी ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे थर्ड स्टेज का कैंसर है और रोज जयपुर के एक अस्पताल में उसकी रेडियोथेरेपी हो रही है। कैदी ने आरोप लगाया है कि उसे सही इलाज नहीं मिला, जिसके कारण उसका इलाज समय पर नहीं हो सका। उसका कहना है कि मेरी याचिका इसलिए खारिज कर दी जा रही है क्योंकि बताया जा रहा है कि उसका सवाई मान सिंह अस्पताल जयुपर में इलाज चल रहा है और पिछले आठ महीने से हर रोज उसकी रेडियोथेरपी हो रही है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा है कि वह इस मामले में जल्द से जल्द फैसला सुनाए।