सावधान! आपको बूढ़ा बना रही है सेल्फी की लत !

अगर आप भी ऑन स्पॉट मोमेंट सेल्फी खींचने का शौक रखती हैं, तो अब जरूरत है आपको अलर्ट होने की क्योंकि आपका यह शौक आपको परेशानी में डाल सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक, सेल्फी का असर स्किन पर इतना ज्यादा पड़ता है कि जिस साइड से आप अक्सर सेल्फी खींचती है, उस साइड की स्किन दूसरी साइड की स्किन से ज्यादा ड्राई हो जाती है। आप उस पर कोई भी क्रीम लगाएं, वह इस तरह की डैमेज स्किन पर असर नहीं करती।

हाल ही में आए एक सर्वे के मुताबिक, मोबाइल फोन से पड़ने वाली लाइट और रेडिएशन स्किन को धूप की किरणों से 3 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। स्किन स्पेशलिस्ट के मुताबिक, चेहरे पर लगातार स्मार्टफोन की लाइट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन स्किन को नुकसान पहुंचाती है। इससे स्किन बूढ़ी होने लगती है जिससे जल्दी रिंकल्स पड़ने लगते हैं। दरअसल, मोबाइल फोन की तरंगें सीधे डीएनए को नुकसान पहुंचाती है, जिससे स्किन की नैचरल रिपेयर क्षमता दिन प्रतिदिन कम होती जाती है। एक समय के बाद तो सिचुएशन यह हो जाती है कि अगर आपकी स्किन पर कोई पिंपल्स या दाग धब्बे हो जाएं, तो उन्हें ठीक होने में महीनों लग जाते हैं।

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दरअसल, फोन से निकलने वाली ये तरंगे अलग तरह की होती हैं, जिसमें सनस्क्रीन भी कोई काम नहीं करता। सनस्क्रीन आपकी त्वचा की बाहरी लेयर को धूप से बचाता है, जबकि मोबाइल की तरंगे स्किन के अंदर की लेयर तक को प्रभावित करती है, जिससे सनस्क्रीन भी इस नुकसान से आपको नहीं उभार पाता। सेल्फी लेने की यह आदत अगर लत में बदल जाए, तो आप सेल्फाइटिस बीमारी की चपेट में आ सकती हैं। इस बीमारी से पीड़ित महिला के दिमाग में हमेशा यह भूत सवार रहता है कि किस जगह सेल्फी लें और कितनी जल्दी उसे सोशल मीडिया पर डालें। धीरे-धीरे यह बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि यह लत बन जाती है।

हाल ही में अमेरिकन साइकलॉजिकल असोसिएशन एपीए ने ऑफिशल रूप से सेल्फी लेने को मेंटल डिसऑर्डर यानी दिमागी बीमारी बताया है और इसे ‘सेल्फाइटिस’ नाम दिया है। इस बीमारी में आपको बार-बार सेल्फी लेने का मन करता है। डाक्टर्स के मुताबिक, अगर कोई दिन में 3 बार से ज्यादा सेल्फी ले रहा है, तो मान लें कि वह सेल्फाइटिस बीमारी की चपेट में है। इस तरह की बीमारी की चपेट में अक्सर वे लोग आते हैं,जो ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर के शिकार होते हैं और फिर वे यह सब करके अपने को समाज में सिक्योर फील करते हैं।

डॉक्टर्स के मुताबिक, लगातार अपनी फोटो लेते रहने की लत सेल्फी एल्बो की वजह बन सकती है। यह एक नई तरह की बीमारी है, जिसमें कुहनी का दर्द सताने लगता है। डॉक्टरों का कहना है कि टेनिस एल्बो और गोल्फर एल्बो की तरह अब सेल्फी एल्बो के केस भी सामने आने लगे हैं। अमेरिका में ‘हॉस्पिटल फॉर स्पेशल सर्जरी में स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ जॉर्डन मेट्जल के मुताबिक, सेल्फी लेने के लिए जब हम हाथ ऊपर उठाते हैं, तो कुहनी मुड़ी हुई रहती है। लोग इसी स्थिति में लगातार 20-30 क्लिक कर जाते हैं। ऐसे में मसल्स पर अधिक दबाव पड़ता है।

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