आय से अधिक संपत्ति मामले में KGMU के डॉक्टर और उनकी पत्नी पर मुकदमा, CBI कर रही जांच

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आय से अधिक संपत्ति मामले में KGMU के डॉक्टर और उनकी पत्नी पर मुकदमा, CBI कर रही जांच

लखनऊ। सीबीआई ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू) के डॉक्टर दंपति पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। केजीएमयू के डॉ. राजीव गुप्ता व उत्तर रेलवे के मंडलीय अस्पताल में सीनियर डीएमओ के पद पर तैनात रहीं उनकी पत्नी डॉ. सुनीता गुप्ता के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमा लखनऊ में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच में दर्ज किया गया है।

Case Against Kgmu Doctor In Charge Of Disappropriate Asset :

जांच में डॉक्टर दंपति की संपत्ति कुल आय से करीब 1.81 करोड़ रुपये अधिक पाई गई है। बता दें कि सीबीआई ने 12 जुलाई 2016 को डॉक्टर दंपती के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब उनके घर से 1.59 करोड़ रुपये तथा डॉ. सुनीता के लॉकर से 9.43 लाख रुपये बरामद हुए थे। इस दौरान ये लोग अपनी आय-व्यय में 1 करोड़ 80 लाख 96 हजार 585 रुपये का कोई हिसाब नहीं दे पाए थे।

सीबीआई का कहना है कि उनकी इस आय-व्यय के ब्यौरे में शारदानगर, लखनऊ में भवन निर्माण और दोनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च हुई राशि को नहीं जोड़ा गया है, क्योंकि इस व्यय से संबंधित कोई भी दस्तावेज हाथ नहीं लगे। अगर इस व्यय को भी जोड़ा जाता तो यह संपत्ति और अधिक बनती।

दरअसल, डॉ.सुनीता गुप्ता पर कैंसर की दवाओं में घोटाले का आरोप है। नार्दन रेलवे (मेकैनिकल) के डिप्टी चीफ विजिलेंस आफिसर विनोद कुमार ने 21 जनवरी 2016 को सीबीआइ से घोटाले की शिकायत की थी।

लखनऊ। सीबीआई ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू) के डॉक्टर दंपति पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। केजीएमयू के डॉ. राजीव गुप्ता व उत्तर रेलवे के मंडलीय अस्पताल में सीनियर डीएमओ के पद पर तैनात रहीं उनकी पत्नी डॉ. सुनीता गुप्ता के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमा लखनऊ में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच में दर्ज किया गया है। जांच में डॉक्टर दंपति की संपत्ति कुल आय से करीब 1.81 करोड़ रुपये अधिक पाई गई है। बता दें कि सीबीआई ने 12 जुलाई 2016 को डॉक्टर दंपती के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब उनके घर से 1.59 करोड़ रुपये तथा डॉ. सुनीता के लॉकर से 9.43 लाख रुपये बरामद हुए थे। इस दौरान ये लोग अपनी आय-व्यय में 1 करोड़ 80 लाख 96 हजार 585 रुपये का कोई हिसाब नहीं दे पाए थे। सीबीआई का कहना है कि उनकी इस आय-व्यय के ब्यौरे में शारदानगर, लखनऊ में भवन निर्माण और दोनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर खर्च हुई राशि को नहीं जोड़ा गया है, क्योंकि इस व्यय से संबंधित कोई भी दस्तावेज हाथ नहीं लगे। अगर इस व्यय को भी जोड़ा जाता तो यह संपत्ति और अधिक बनती। दरअसल, डॉ.सुनीता गुप्ता पर कैंसर की दवाओं में घोटाले का आरोप है। नार्दन रेलवे (मेकैनिकल) के डिप्टी चीफ विजिलेंस आफिसर विनोद कुमार ने 21 जनवरी 2016 को सीबीआइ से घोटाले की शिकायत की थी।