जालसाजी कर सरकारी जमीन का मुआवजा हड़पने वाले बुक्कल नवाब जायेंगे जेल, कई अधिकारियों पर गिरेगी गाज!

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के एमएलसी बुक्कल नवाब की मुश्किलें बढ़ गई हैं। न्यायालय के निर्देश पर बुधवार को वजीरगंज पुलिस ने मजहर अली खां उर्फ बुक्कल नवाब के खिलाफ जालसाजी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज किया है। बुक्कल नवाब पर गोमती नदी की जमीन को खुद की बताकर करोड़ों का मुआवजा हड़पने का आरोप है। इस मामले में कई अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा हुआ है, जिनके कारनामे जांच में उजागर होंगे।




आरोप है कि बुक्कल नवाब ने गोमती नदी के किनारे की जलमग्न 54 बीघा जमीन को अपना बताकर राज्य सरकार से आठ करोड़ रुपये मुआवजा ले लिया। इसके लिए सपा एमएलसी ने कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग किया था। खास बात यह है कि जमीन का अधिग्रहण करने वाले अधिकारियों ने भी बिना किसी जांच के मुआवजा भी दे दिया। हाई कोर्ट में रिट पड़ने के बाद शासन की ओर से जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने चार मार्च 2017 को रिपोर्ट दिया, जिसके बाद पूरा मामला उजागर हुआ।




जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बुक्कल नवाब ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 1977 में आदेश पारित करवा लिया था, जिसकी सत्यवादिता अत्यंत संदेहात्मक है। इसके आधार पर हाई कोर्ट ने प्रमुख सचिव राजस्व को आरोपी व संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय व अन्य आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद प्रमुख सचिव राजस्व उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर बुधवार को वजीरगंज पुलिस ने शीशमहल हुसैनाबाद निवासी मजहर अली खां उर्फ बुक्कल नवाब व संलिप्त अन्य व्यक्तियों तथा संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया।