शिक्षण संस्थानों में चल रहें जालसाजी का खुलासा, कुछ इस तरह वसूलें जा रहें थे पैसे

Case On Hind Medical College Barabanki

लखनऊ। शिक्षण संस्थानों में व्यवसाय के नाम पर कालाबाजारी बढ़ती ही जा रही है जिसका असर राजधानी में भी देखने को मिल रहा है। यहां सफेदाबाद क्षेत्र में स्थित हिंद मेडिक्ल कॉलेज के चेयरपर्सन समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ये लोग एमबीबीएस दाखिले में तय से ज्यादा फीस वसूला करते थे। साथ ही कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस की तय फीस आठ लाख की जगह 20.80 लाख रुपये वसूल कर रहा था।

इसके विरोध में सोमवार को एमबीबीएस के छात्रों व अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। डीएम ने कॉलेज के खिलाफ जांच के लिए शासन को पत्र भेजकर मौके पर आयकर व स्वास्थ्य महानिदेशालय की टीम को बुला लिया। टीम को कॉलेज के कैश रूम में तीन कर्मचारी बंद मिले व एक करोड़ से अधिक की नकदी बरामद हुई, जिसकी गिनती जारी है।

देर रात हिंद मेडिकल कॉलेज पहुंची आयकर व शासन की टीम ने जब कैश रूम को खोला तो वहां पर तीन कर्मचारी मिले। इसके साथ ही एक करोड़ से ज्यादा की नकदी व एडमिशन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। हिन्द इंस्टीट्यूट में फीस वसूली के मामले में देर रात कॉलेज की चेयरपर्सन व प्रचार्य समेत कई पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया।

कोतवाली नगर में गोपालगंज, विहार के वरौली थाना क्षेत्र के मथुरानगर निवासी छात्र शादाब यूमन की तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमे में हिन्द इंस्टीट्यूट की चेयरपर्सन रिचा मिश्रा, डिप्टी चेयरपर्सन वंदना मिश्रा व प्राचार्य जी. बी. सिंह समेत कई अज्ञात पर जालसाजी व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। शहर कोतवाल उमेश बहादुर सिंह ने बताया जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

हिंद मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्रों से अधिक फीस वसूली की शिकायत अभिभावकों व छात्रों ने की थी, जिसके बाद सीडीओ, एसडीएम व एएसपी ने कैश रूम को लॉक किया था। इसके लिए आयकर व शासन की स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाई थी। आयकर टीम की कार्रवाई में नकदी बरामद हुई है।

लखनऊ। शिक्षण संस्थानों में व्यवसाय के नाम पर कालाबाजारी बढ़ती ही जा रही है जिसका असर राजधानी में भी देखने को मिल रहा है। यहां सफेदाबाद क्षेत्र में स्थित हिंद मेडिक्ल कॉलेज के चेयरपर्सन समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ये लोग एमबीबीएस दाखिले में तय से ज्यादा फीस वसूला करते थे। साथ ही कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस की तय फीस आठ लाख की जगह 20.80 लाख रुपये वसूल कर रहा…