यूपी हाई अलर्ट: बड़ी साजिश हुई नाकाम, अस्पताल को उड़ाने की थी प्लानिंग

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में हाई अलर्ट के बाद एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया, यहां के हजरतगंज इलाके में मुख्यमंत्री आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित सिविल हॉस्पिटल में बीती रात एक बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा रहा था। दरअसल, हॉस्पिटल के पार्किंग यार्ड समेत आस-पास खड़ी कई गाड़ियों के फ्यूल पाइप काट दिए गए, जिससे काफी मात्रा में पेट्रोल फ़ैल गया। पेट्रोल की महक फ़ैलने पर अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया, जिसके बाद जानकारी पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गयी और अस्पताल परिसर की धुलाई कराई गयी। आशंका जताई जा रही है कि पूरे अस्पताल परिसर में आग लगाने की योजना बनाई गयी थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। आपको बता दें कि सिविल हॉस्पिटल में तक़रीबन 2000 से ज्यादा मरीज और तीमारदार मौजूद थे।




मिली जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ के हजरतगंज में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में शनिवार देर रात उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल परिसर के चारों तरफ काफी मात्रा में पेट्रोल फ़ैल गया, तेज महक आने पर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और सूचना फायर ब्रिगेड व पुलिस को दी गयी। जिसके बाद पूरे कैम्पस की धुलाई कराई गयी। हालात ऐसे थे कि अगर कहीं से भी एक चिंगारी उठ जाती तो जान-माल समेत काफी नुकसान हो सकता था।




हॉस्पिटल के सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल–

सिविल अस्पताल के पूरे परिसर में महज एक ही सीसीटीवी कैमरा लगा है, वो भी चालू हालत में नहीं है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल में सुरक्षा के मद्देनजर क्या प्रबंध हैं। अस्पताल की सुरक्षा निजी कंपनी के जिम्मे सौंपी गई है। पूरे अस्पताल में रात में केवल 9 सुरक्षाकर्मी ही तैनात थे। तीन शिफ्ट में कुल 27 सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है, जबकि जिस कैंपस में मरीज के तीमारदार और स्टाफ की गाड़ियां खड़ी होती है, वहां न तो कोई सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी होती है, न ही कोई सीसीटीवी कैमरा लगा है।