1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. रिवरफ्रंट घोटाला मे CBI ने चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को किया गिरफ्तार, कई बड़ी मछलियों पर लटकी तलवार

रिवरफ्रंट घोटाला मे CBI ने चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को किया गिरफ्तार, कई बड़ी मछलियों पर लटकी तलवार

Cbi Arrested Chief Engineer Roop Singh Yadav In Lucknow Riverfront Scam Sword

By आराधना शर्मा 
Updated Date

लखनऊ: सपा पार्टी सरकार में हुए लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने सिंचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस घोटाले में जल्द ही कई और आरोपियों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पढ़ें :- जौहर यूनिवर्सिटी को टेकओवर करने की तैयारी तेज

दरअसल, अखिलेश की सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने रिवर फ्रंट को सपा पार्टी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया था। कुछ सौ करोड़ का यह प्रोजेक्ट कई हजार करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद भी पूरा नहीं हो सका। प्रदेश में जब योगी सरकार बनी तो इसकी प्रारंभिक जांच के बाद केस सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने भी बीते साल नंवबर तक जांच पूरी कर ली थी।

आपको बता दें cbi ने इस घोटाले के बड़े जिम्मेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसी लाइन मे आज सिचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया है। इतना ही नहीं इस घोटाले मे और भी 2 आईएएस ऑफिसर भी घेरे मे है ऐसा बताया जा रहा है कि ये दोनों पूर्व सीएम के बेहद करीबी रह चुके हैं।

कई इंजीनियर, ठेकेदारों के खिलाफ FIR

बता दें कि इस घोटाले की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आलोक सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने घोटाल की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके बाद चीफ इंजीनियर रहे रूप सिंह यादव समेत सिंचाई विभाग के कई इंजीनियर, ठेकेदारों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने FIR दर्ज की।

पढ़ें :- बसपा के पूर्व महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर की संपत्ति कुर्क

यूपी सरकार ने मामला सीबीआई को भेजा, जिसके बाद 24 नवंबर 2017 को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस करोड़ों के इस घोटाले में रूप सिंह यादव के खिलाफ ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की थी। बीते वर्ष रूप सिंह यादव की संपत्ति भी ईडी ने अटैच की थी।

आपको बता दें, इसमें सिंचाई विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता गुलेश चंद, एसएन शर्मा व काजिम अली, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता शिव मंगल यादव, अखिल रमन, कमलेश्वर सिंह व रूप सिंह यादव तथा अधिशासी अभियंता सुरेश यादव नामजद है, और कई बड़े ठेकेदारों से सीबीआई पूछताछ करेगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...