IRCTC SCAM: सीबीआई की विशेष अदालत से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को मिली जमानत

tejashwi yadav rabri devi
IRCTC SCAM: सीबीआई की विशेष अदालत से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को मिली जमानत

Cbi Court Grant Bail To Rabdi Devi And Tejashwi Yadav In Irctc Scam

पटना। आईआरसीटीसी घोटाले के मामले में आज बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव आज पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। जहां कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। इस मामले में पौने दस बजे तेजस्वी अपनी मां के साथ पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे थे। सभी आरोपियों ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी।

इससे पहले आरजेडी समर्थकों की नजर कोर्ट के आदेश पर टिकी हुईं थी। वो इस असमंजस में थे कि तेजस्वी और राबड़ी को जेल होगी है फिर बेल मिलेगी। पेशी के लिए दोनों बुधवार को ही पटना से दिल्ली पहुंच गए थे। सीबीआई ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 14 लोगों पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 14 आरोपियों को समन जारी किया था।

तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की पेशी को लेकर आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि न्यापालिका पर पूरा भरोषा है, न्याय मिलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को बोलने का कोई हक नहीं है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की राज में 38 घोटाले हुए हैं। सब में दोनों शामिल हैं। इन घोटालों से बचने के लिए बीजेपी से मिलकर हमारे नेता को फंसाया जा रहा है।

इससे पहले सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि IRCTC के पूर्व जीएम बीके अग्रवाल के खिलाफ केस चलाने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद कोर्ट ने समन पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. सीबीआई ने 16 अप्रैल को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

सीबीआई ने दाखिल की थी चार्जशीट

IRCTC घोटाले मामले में आरोपी बनाते हुए सीबीआई ने 16 अप्रैल को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. लालू की पत्नी राबड़ी और उनके पुत्र तेजस्वी यादव भी उन 14 लोगों में शामिल थे, जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गईथी. जबकि जांच एजेंसी ने उस समय आइआरसीटीसी के जीएम बीके अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी. सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्री ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की सलाह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन-19 के तहत अभियोग चलाने की मंजूरी दी थी.

क्या है पूरा मामला?

ये मामला इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा रांची और पुरी में चलाए जाने वाले दो होटलों की देखरेख का काम सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को देने से जुड़ा है। इस कंपनी के मालिक विनय और विजय कोचर हैं। आरोप था कि इसके बदले लालू को पटना में बेशकीमती तीन एकड़ जमीन दी गई थी। लालू समेत अन्य लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया था कि लालू ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। सुजाता होटल को ठेका मिलने के बाद 2010 और 2014 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरला गुप्ता से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास आ गया। हालांकि इस दौरान लालू रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके थे।

पटना। आईआरसीटीसी घोटाले के मामले में आज बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव आज पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। जहां कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। इस मामले में पौने दस बजे तेजस्वी अपनी मां के साथ पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे थे। सभी आरोपियों ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी। इससे पहले आरजेडी समर्थकों की नजर कोर्ट…