CBI: पद संभालते ही एक्शन में आलोक वर्मा, किए सभी तबादले रद्द

alok verma
77 दिन बाद बहाल हुए CBI चीफ आलोक वर्मा हटाये गए, ये है वजह

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज आलोक वर्मा ने फिर से सीबीआई डायरेक्टर का पदभार ग्रहण किया। पहले ही दिन उन्होंने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तत्कालीन निदेशक (प्रभारी) एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए लगभग सारे तबादले रद कर दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पहले ही कयास थे कि वर्मा इन्हें वापस बहाल कर सकते हैं। इसके अलावा विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दायर एफआईआर की जांच में तेजी आ सकती है।

Cbi Director Alok Verma M Nageswara Rao Interim Cbi Director Supreme Court :

गौरतलब है कि वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच तकरार शुरू होने के बाद सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था और उनके सारे अधिकार ले लिए थे। उसके बाद 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी राव को 23 अक्टूबर, 2018 को देर रात को सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे।

अधिकारियों के अनुसार अगली सुबह ही राव ने बड़े पैमाने पर तबादले किए थे। उनमें अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने वाले अधिकारी जैसे डीएसपी एके बस्सी, डीआईजी एमके सिन्हा, संयुक्त निदेशक एके शर्मा भी शामिल थे। एक अधिकारी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि वर्मा ने बुधवार को अपना दायित्व संभाल लिया और राव द्वारा किए गए सारे तबादले रद्द कर दिए। गौरतलब है कि आलोक वर्मा 31 जनवरी को रिटायर होंगे।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज आलोक वर्मा ने फिर से सीबीआई डायरेक्टर का पदभार ग्रहण किया। पहले ही दिन उन्होंने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तत्कालीन निदेशक (प्रभारी) एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए लगभग सारे तबादले रद कर दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पहले ही कयास थे कि वर्मा इन्हें वापस बहाल कर सकते हैं। इसके अलावा विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दायर एफआईआर की जांच में तेजी आ सकती है। गौरतलब है कि वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच तकरार शुरू होने के बाद सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था और उनके सारे अधिकार ले लिए थे। उसके बाद 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी राव को 23 अक्टूबर, 2018 को देर रात को सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे। अधिकारियों के अनुसार अगली सुबह ही राव ने बड़े पैमाने पर तबादले किए थे। उनमें अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने वाले अधिकारी जैसे डीएसपी एके बस्सी, डीआईजी एमके सिन्हा, संयुक्त निदेशक एके शर्मा भी शामिल थे। एक अधिकारी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि वर्मा ने बुधवार को अपना दायित्व संभाल लिया और राव द्वारा किए गए सारे तबादले रद्द कर दिए। गौरतलब है कि आलोक वर्मा 31 जनवरी को रिटायर होंगे।