CBI और ED के रडार पर हैं यूपी के कई भ्रष्ट इं​जीनियर

लखनऊ। भ्रष्टाचार को लेकर सरकारें और अदालतें कितने भी कड़े फैसले लें, लेकिन भ्रष्टाचारियों को ना तो कानून का खौफ है और ना ही बदनामी की परवाह। यूपी की बात की जाए तो यहां के सरकारी विभागों में तैनात केवल भ्रष्टाचारी इंजीनियरों की फेहरिस्त इतनी लंबी है जिसका अंत नहीं। इंजीनियरों ने भ्रष्टाचार का ऐसा जाल बुन रखा है कि ऊपर से नीचे तक हैसियत के हिसाब से घूस का हिस्सा बांट हो जाता है। जिसका जैसा कद और जिम्मेदारी उसे उसी हिसाब से कम और ज्यादा हिस्सा मिलता है।



इस बीच एक खबर दिल्ली से आ रही है। जहां 2015 में सीबीआई(CBI) ने सीपीडब्ल्यूडी(CPWD) के अधिकारी के खिलाफ घूसखोरी की शिकायत मिलने के बाद की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई के हत्थे चढ़े ठेकेदार की गाड़ी से बरामद हुई एक डायरी में यूपी के राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) के कई भ्रष्टाचारी इंजीनियरों को भी घूंस देने की जानकारी सामने आई थी। सीबीआई के अधिकारियों ने जब ठेकेदार की कंपनी को मिले ठेकों की जांच की तो सामने आया कि कंपनी को यूपीआरएनएन से एक निर्माणकार्य का टेंडर मिला था, जिसमें मनमानी दरों पर काम करने के लिए उसने विभागीय इंजीनियरों को लाखों रूपए का कमीशन कई किश्तों में चुकाया था।



सीबीआई अब इस डायरी में समाने आए तथ्यों के आधार पर उन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है जिनके नामों के आगे कमीशन की एंट्री इस डायरी में दर्ज है। हो सकता है कि आने वाले समय में यूपीआरएनएन के कई बड़े इंजीनियरों के नाम भी इस मामले से जुड़ते नजर आएं क्योंकि जिस तहर से लाखों के ​कमीशन के लेनदेन की जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक इतनी बड़ी रकम का एक बड़ा हिस्सा ऊपर तक जरूर गया होगा।



इस क्रम में दूसरी खबर भी यूपी के सेवानिवृत्त इंजीनियर पीके भुकेश से जुड़ी हैं। मायावती सरकार के दौरान सीएंडडीएस(CNDS) के डायरेक्टर रहे पीके भुकेश पर प्रवर्तन निदेशालय ने सिकंजा कसा हैं। पीके भुकेश पहले ही एनआएचएम घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। दो दिन पहले ही ईडी ने भुकेश के राजधानी स्थित घर पर छापेमारी कर कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज समेंत उनके खिलाफ हवाला के जरिए देश के बाहर पैसा भेजने की जानकारी भी मिली है।

भुकेश का नाम भी यूपी के भ्रष्टतम इंजीनियरों में रह चुका है। इस लिहाज से यह कहना गलत नहीं होगा कि ईडी ने भी यूपी के भ्रष्ट इंजीनियरों पर अपनी नजरें गढ़ा रखीं हैं।