आय से अधिक संपत्ति मामला : सीबीआई ने अखिलेश यादव व मुलायम को दी क्लीन चिट

akhilesh mulayam
आय से अधिक संपत्ति : सीबीआई ने अखिलेश यादव व मुलायम को दी क्लीन चिट

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव को आखिरकार आय से अधिक संपत्ति के मामले से छुटकारा मिल ही गया। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। सीबीआई ने हलफनामे में पिता-पुत्र को क्लीन चिट दी है। सीबीआई के मुताबिक इन दोनों के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे कि उनके खिलाफ रेग्युलर केस रजिस्टर किया जाए।

Cbi Gives Clean Chit To Mulayam Singh Yadav And Akhilesh In The Disproportionate Assets Case :

इससे पहले इस मामले में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। हालाकि कोर्ट ने उनसे ये शपथपत्र मांगा नहीं थी। इसमें उन्होने कहा कि सीबीआई की प्रारंम्भिक जांच में उन्हे क्लीन चिट मिल चुकी है। बता दें कि मुलायम ने शपथपत्र में जिस कथित क्लीन चिट वाली रिपोर्ट का हवाला दिया था, उस रिपोर्ट को फर्जी बताकर सीबीआई 2009 में अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर चुकी थी।

सीबीआई की दलील थी कि वह 2007 में पेश स्टेटस रिपोर्ट पर कायम है जिसमें प्रथमदृष्टया केस बनता है। सुप्रीम कोर्ट ने 25 मार्च को कांग्रेस नेता विश्वनाथ चतुर्वेदी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस देकर पूछा था कि इस मामले में अब तक क्या प्रगति हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2007 में सीबीआई को मामले की जांच का आदेश दिया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था मुलायम सिंह यादव ने 1993 से 2005 के बीच 2.63 करोड़ की अवैध संपत्ति जमा की है।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव को आखिरकार आय से अधिक संपत्ति के मामले से छुटकारा मिल ही गया। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। सीबीआई ने हलफनामे में पिता-पुत्र को क्लीन चिट दी है। सीबीआई के मुताबिक इन दोनों के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे कि उनके खिलाफ रेग्युलर केस रजिस्टर किया जाए। इससे पहले इस मामले में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। हालाकि कोर्ट ने उनसे ये शपथपत्र मांगा नहीं थी। इसमें उन्होने कहा कि सीबीआई की प्रारंम्भिक जांच में उन्हे क्लीन चिट मिल चुकी है। बता दें कि मुलायम ने शपथपत्र में जिस कथित क्लीन चिट वाली रिपोर्ट का हवाला दिया था, उस रिपोर्ट को फर्जी बताकर सीबीआई 2009 में अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। सीबीआई की दलील थी कि वह 2007 में पेश स्टेटस रिपोर्ट पर कायम है जिसमें प्रथमदृष्टया केस बनता है। सुप्रीम कोर्ट ने 25 मार्च को कांग्रेस नेता विश्वनाथ चतुर्वेदी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस देकर पूछा था कि इस मामले में अब तक क्या प्रगति हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2007 में सीबीआई को मामले की जांच का आदेश दिया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था मुलायम सिंह यादव ने 1993 से 2005 के बीच 2.63 करोड़ की अवैध संपत्ति जमा की है।