अवैध खनन घोटाला: पूर्व सीएम अखिलेश तक पहुंच सकती है जांच की आंच, इन अफसरों की भी बढ़ेगी मुश्किलें

akhilesh yadav
अवैध खनन घोटाला: पूर्व सीएम अखिलेश तक पहुंची जांच की आंच, इन अफसरों की भी बढ़ेगी मुश्किलें

लखनऊ। अवैध खनन घोटाले में सीबीआई और ईडी की जांच की आंच पूर्व सीएम अखिलेश यादव तक भी पहुंच सकती है। सीबीआई और ईडी दोनों ने ही अपनी केस रिपोर्ट में पूर्व खनन मंत्रियों की भूमिका की जांच की बात लिखी थी। हमीरपुर में 2012 से 2016 के बीच हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने बुधवार को पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उसके करीबियों के 22 ठीकानों पर छापेमारी की थी।

Cbi May Question Former Cm Akhilesh Yadav In Case Of Mining Scam :

अखिलेश सरकार में नियम के विरूद्ध दिए गए 22 खनन पट्टों की जांच सीबीआई कर रही है। बताया जा रहा है कि इसमें 14 खनन पट्टों का अनुमोदन बतौर सीएम अखिलेश यादव ने किया था, जबकि आठ का अनुमोदन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति ने किया था। खनन के यह पट्टे हमीरपुर में अलग—अलग लोगों को 17 फरवरी 2013 से 26 मई 2015 के बीच आवंटित किये गये थे। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने जिन 14 खनन पट्टों का आवंटन किया था, अपने करीबी रमेश मिश्रा और उसके परिजनों को किया था।

खनन घोटाले को लेकर सीबीआई रमेश मिश्रा के ठीकानों पर छापेमारी कर चुकी है, जिसमें उसे कई अहम तथ्य भी हाथ लगे हैं। वहीं गायत्री प्रजापति ने जिन आठ खनन पट्टों का आवंटन किया था, उसमें राबिया बेगम, घनश्याम अनुरागी, कौशल्या चौबे, जगदीश सिंह और करन सिंह शामिल हैं। सूत्रों की माने तो ईडी और सीबीआई दोनों खनन घोटाले को लेकर कई अहम सुबूत जुटाए हैं, जिसके कारण जल्द ही पूर्व सीएम अखिलेश यादव और कई अफसरों से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है।

इनके खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया है मुकदमा
सीबीआई ने हमीरपुर के तत्कालीन डीएम बी चन्द्रकला, खनन अधिकारी मोईनुद्दीन, तत्कालीन खनन क्लर्क रामआसरे, पट्टाधारक एमएलसी रमेश कुमार मिश्र, दिनेश कुमार मिश्र, अंबिका तिवारी, ​संजय दीक्षित, जालौन के राम अवतार सिंह, करन सिंह और दिल्ली के लाजपतनगर निवासी आदिल खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

ईडी भी कर रही है जांच
गायत्री प्रजापति के यहां सीबीआई की छापेमारी के बाद तय माना जा रहा है कि जल्द ही ईडी भी शिकंजा कसना शुरू कर देगी। दरअसल सीबीआई के बाद ईडी ने भी हमीरपुर खनन घोटाले में बी चंद्रकला समेत अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद बी चंद्रकला व अन्य आरोपितों को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था।

लखनऊ। अवैध खनन घोटाले में सीबीआई और ईडी की जांच की आंच पूर्व सीएम अखिलेश यादव तक भी पहुंच सकती है। सीबीआई और ईडी दोनों ने ही अपनी केस रिपोर्ट में पूर्व खनन मंत्रियों की भूमिका की जांच की बात लिखी थी। हमीरपुर में 2012 से 2016 के बीच हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने बुधवार को पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उसके करीबियों के 22 ठीकानों पर छापेमारी की थी। अखिलेश सरकार में नियम के विरूद्ध दिए गए 22 खनन पट्टों की जांच सीबीआई कर रही है। बताया जा रहा है कि इसमें 14 खनन पट्टों का अनुमोदन बतौर सीएम अखिलेश यादव ने किया था, जबकि आठ का अनुमोदन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति ने किया था। खनन के यह पट्टे हमीरपुर में अलग—अलग लोगों को 17 फरवरी 2013 से 26 मई 2015 के बीच आवंटित किये गये थे। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने जिन 14 खनन पट्टों का आवंटन किया था, अपने करीबी रमेश मिश्रा और उसके परिजनों को किया था। खनन घोटाले को लेकर सीबीआई रमेश मिश्रा के ठीकानों पर छापेमारी कर चुकी है, जिसमें उसे कई अहम तथ्य भी हाथ लगे हैं। वहीं गायत्री प्रजापति ने जिन आठ खनन पट्टों का आवंटन किया था, उसमें राबिया बेगम, घनश्याम अनुरागी, कौशल्या चौबे, जगदीश सिंह और करन सिंह शामिल हैं। सूत्रों की माने तो ईडी और सीबीआई दोनों खनन घोटाले को लेकर कई अहम सुबूत जुटाए हैं, जिसके कारण जल्द ही पूर्व सीएम अखिलेश यादव और कई अफसरों से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इनके खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया है मुकदमा सीबीआई ने हमीरपुर के तत्कालीन डीएम बी चन्द्रकला, खनन अधिकारी मोईनुद्दीन, तत्कालीन खनन क्लर्क रामआसरे, पट्टाधारक एमएलसी रमेश कुमार मिश्र, दिनेश कुमार मिश्र, अंबिका तिवारी, ​संजय दीक्षित, जालौन के राम अवतार सिंह, करन सिंह और दिल्ली के लाजपतनगर निवासी आदिल खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ईडी भी कर रही है जांच गायत्री प्रजापति के यहां सीबीआई की छापेमारी के बाद तय माना जा रहा है कि जल्द ही ईडी भी शिकंजा कसना शुरू कर देगी। दरअसल सीबीआई के बाद ईडी ने भी हमीरपुर खनन घोटाले में बी चंद्रकला समेत अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद बी चंद्रकला व अन्य आरोपितों को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था।