पूरे यूपी में एक साथ 12 जगहों पर सीबीआई की छापेमारी, मचा हड़कम्प

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के साशलकाल में अवैध खनन में हुई घोटालेबाजी को लेकर बुधवार को सीबीआई ने यूपी के दो आईएएस अफसरों की ठीकानों सहित 12 जगहों पर छापेमारी की। पहली छापेमारी बुलंदशहर के डीएम अभय कुमार के सरकारी आवास पर की गयी,जबकि दूसरी बड़ी छापेमारी कौशल विकास निदेशक आईएएस विवेक के लखनऊ अंसल स्थित घर पर की गयी। वहीं सीडीओ आजमगढ़ के आवास पर भी सीबीआई टीम ने छापा मारा। इस छापेमारी में करीब 57 लाख रुपये नकद और सम्पत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात कही गयी है।

Cbi Raid In Connection With Mining Case :

पहला छापा- खनन के मामलों को लेेेकर अब सीबीबाई का शिकंजा ब्यूरोक्रेसी पर कसता जा रहा है। अब इस मामले में बुधवार को सीबीआई ने कार्रवाई में तेजी लाते हुए प्रदेश भर के 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। समाजवादी पार्टी की सरकार ने डीएम फतेहपुर रहे अभय कुमार जो मौजूदा समय में डीएम बुलंदशहर है उनके सरकारी आवास पर सीबीआई ने दलबल के साथ छापा मारा।

सूत्र बताते हैं कि इस छापेमार के दौरान सीबीआई टीम अपने साथ नोट गिनने वाली मशीन भी लेकर पहुंच गयी। अभय सिंह के आवास पर सीबीआई की टीम सुबह 7 बजे पहुंची। बताया जा रहा है कि पूर्व में फतेहपुर में पोस्टिंग के दौरान पट्टे बांटने और अवैध खनन से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की गयी है। सीबीआई टीम के अंदर जाने के बाद न कोई जिलाधिकारी आवास के अंदर जा पा रहा है न कोई बाहर आ पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय कुमार के घर पर छापेमारी के दौरान उनके घर से 47 लाख रुपये की नकदी मिली। डीएम बुलंदशहर के आवास पर छापेमारी के दौरान 20 सदस्यीय सीबीआई टीम मौजूद रही।

दूसरा छापा- इसके बाद सीबीआई की टीम ने निदेशक कौशल विकास विवेक के लखनऊ अंसल स्थित घर पर छापा मारा। आईएएस अधिकारी विवेक कुमार उस समय देवरिया जनपद के डीएम थे। छापेमारी के दौरान सीबीआई टीम को सम्पत्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले। सीबीआई की टीम ने उन दस्तावेज को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया।
तीसरा छापा- तीसरी बड़ी छापेमारी की कार्रवाई सीबीआई ने सीडीओ आजमगढ़ देवी शरण उपाध्याय के घर पर की। सीबीआई के सूत्रों की माने तो उनके घर से सीबीआई को 10 लाख रुपये की नकदी मिली है। देवी शरण उपाध्याय सपा शासनकाल में एडीएम दवेरिया के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा सीबीआई टीम ने फतेहपुर, इलाहाबाद, नोएडा, गोरखपुर और देवरिया जनपदों में भी छापेमारी की कार्रवाई की है।

यह है पूरा मामला
खनन मामले को लेकर सीबीआई ने कुछ माह पहले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला, बहुजन समाज पार्टी बसपा नेता सत्यदेव दीक्षित और सपा एमएलसी रमेश मिश्रा समेत कई अन्य के यहां छापामारी की कार्रवाई कर चुकी है। चंद्रकला यूपी कैडर की 2008 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह तेलंगाना की रहने वाली है। 2012 में हमीरपुर के जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान बालू खनन के लिए लाइसेंस देने के लिए नियमों और विनियमों को दरकिनार करने के लिए संदेह के घेरे में आई हैं। सीबीआई उत्तर प्रदेश के 6 जिलों शामली, हमीरपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, सिद्धार्थनगर और देवरिया में पिछले समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान अवैध खनन के आरोपों की जांच कर रही है। सीबीआई ने जुलाई 2017 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निदेर्श पर मामला उठाया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह इस मामले की जांच करे। 31 मई 2012 को यूपी सरकार की ओर से एक ऑर्डर जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था जो भी खनन होगा वो ई टेंडर से होगा लेकिन ये नियम पालन नहीं किया गया। हमीरपुर में अवैध खनन के मामले में दो जनवरी को दर्ज एफआईआर में सीबीआई ने आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बता दें कि 2012 में मुख्मंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव ने खनन विभाग अपने पास रखा था। 2012 से 2013 तक यह विभाग उनके पास रहा था। बाद में गायत्री प्रसाद प्रजापति को खनन मंत्री बने थे।

लखनऊ, 10 जुलाई।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के साशलकाल में अवैध खनन में हुई घोटालेबाजी को लेकर बुधवार को सीबीआई ने यूपी के दो आईएएस अफसरों की ठीकानों सहित 12 जगहों पर छापेमारी की। पहली छापेमारी बुलंदशहर के डीएम अभय कुमार के सरकारी आवास पर की गयी,जबकि दूसरी बड़ी छापेमारी कौशल विकास निदेशक आईएएस विवेक के लखनऊ अंसल स्थित घर पर की गयी। वहीं सीडीओ आजमगढ़ के आवास पर भी सीबीआई टीम ने छापा मारा। इस छापेमारी में करीब 57 लाख रुपये नकद और सम्पत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात कही गयी है। पहला छापा- खनन के मामलों को लेेेकर अब सीबीबाई का शिकंजा ब्यूरोक्रेसी पर कसता जा रहा है। अब इस मामले में बुधवार को सीबीआई ने कार्रवाई में तेजी लाते हुए प्रदेश भर के 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। समाजवादी पार्टी की सरकार ने डीएम फतेहपुर रहे अभय कुमार जो मौजूदा समय में डीएम बुलंदशहर है उनके सरकारी आवास पर सीबीआई ने दलबल के साथ छापा मारा। सूत्र बताते हैं कि इस छापेमार के दौरान सीबीआई टीम अपने साथ नोट गिनने वाली मशीन भी लेकर पहुंच गयी। अभय सिंह के आवास पर सीबीआई की टीम सुबह 7 बजे पहुंची। बताया जा रहा है कि पूर्व में फतेहपुर में पोस्टिंग के दौरान पट्टे बांटने और अवैध खनन से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की गयी है। सीबीआई टीम के अंदर जाने के बाद न कोई जिलाधिकारी आवास के अंदर जा पा रहा है न कोई बाहर आ पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय कुमार के घर पर छापेमारी के दौरान उनके घर से 47 लाख रुपये की नकदी मिली। डीएम बुलंदशहर के आवास पर छापेमारी के दौरान 20 सदस्यीय सीबीआई टीम मौजूद रही। दूसरा छापा- इसके बाद सीबीआई की टीम ने निदेशक कौशल विकास विवेक के लखनऊ अंसल स्थित घर पर छापा मारा। आईएएस अधिकारी विवेक कुमार उस समय देवरिया जनपद के डीएम थे। छापेमारी के दौरान सीबीआई टीम को सम्पत्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले। सीबीआई की टीम ने उन दस्तावेज को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। तीसरा छापा- तीसरी बड़ी छापेमारी की कार्रवाई सीबीआई ने सीडीओ आजमगढ़ देवी शरण उपाध्याय के घर पर की। सीबीआई के सूत्रों की माने तो उनके घर से सीबीआई को 10 लाख रुपये की नकदी मिली है। देवी शरण उपाध्याय सपा शासनकाल में एडीएम दवेरिया के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा सीबीआई टीम ने फतेहपुर, इलाहाबाद, नोएडा, गोरखपुर और देवरिया जनपदों में भी छापेमारी की कार्रवाई की है। यह है पूरा मामला खनन मामले को लेकर सीबीआई ने कुछ माह पहले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला, बहुजन समाज पार्टी बसपा नेता सत्यदेव दीक्षित और सपा एमएलसी रमेश मिश्रा समेत कई अन्य के यहां छापामारी की कार्रवाई कर चुकी है। चंद्रकला यूपी कैडर की 2008 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह तेलंगाना की रहने वाली है। 2012 में हमीरपुर के जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान बालू खनन के लिए लाइसेंस देने के लिए नियमों और विनियमों को दरकिनार करने के लिए संदेह के घेरे में आई हैं। सीबीआई उत्तर प्रदेश के 6 जिलों शामली, हमीरपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, सिद्धार्थनगर और देवरिया में पिछले समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान अवैध खनन के आरोपों की जांच कर रही है। सीबीआई ने जुलाई 2017 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निदेर्श पर मामला उठाया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह इस मामले की जांच करे। 31 मई 2012 को यूपी सरकार की ओर से एक ऑर्डर जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था जो भी खनन होगा वो ई टेंडर से होगा लेकिन ये नियम पालन नहीं किया गया। हमीरपुर में अवैध खनन के मामले में दो जनवरी को दर्ज एफआईआर में सीबीआई ने आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बता दें कि 2012 में मुख्मंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव ने खनन विभाग अपने पास रखा था। 2012 से 2013 तक यह विभाग उनके पास रहा था। बाद में गायत्री प्रसाद प्रजापति को खनन मंत्री बने थे। लखनऊ, 10 जुलाई।