लखनऊ : आईएएस विवेक कुमार के आवास पर सीबीआई ने की छापेमारी, जब्त हुए तमाम दस्तावेज

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लखनऊ : आईएएस विवेक कुमार के आवास पर सीबीआई ने की छापेमारी, जब्त हुए तमाम दस्तावेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अभी मंगलवार को ही यूपी में 11 जगह सीबीआई ने छापेमारी की थी, वहीं बुधवार को बुलंदशहर के डीएम अभय सिंह के घर छापेमारी के बाद राजधानी लखनऊ में भी एक आईएएस के घर सीबीआई की टीम ने छापा मारा है। यहां कौशल विकास निगम के एमडी विवेक कुमार के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आवास पर सीबीआई की टीम ने छापा मारा है। इस दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे व उनकी पत्नी से काफी देर तक पूछताछ की। यहीं नहीं टीम उनके आवास से काफी दस्तावेज लेकर गई है।

Cbi Raided Ias Vivek Kumars Residence Seized All Documents :

गौरतलब हो गई 2009 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक मार्च 2013 से जून 2013 तक देवरिया के डीएम थे। उन पर आरोप है कि अपने चार माह के कार्यकाल में उन्होने खनन पट्टों में खूब गड़बड़ी की। बता दें कि साल 2012 में अवैध खनन पट्टों को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2013 में आदेश दिया कि अब कोई भी नया पट्टा नहीं दिया जाएगा और न ही पुराने पट्टों का नवीनीकरण किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि जब ये गड़बड़ी हुई उस समय करीब दस माह तक अभय सिंह यहां के डीएम थे। इस दौरान कोर्ट के आदेश के बावजूद भी खनन जारी रहा। जिसके बाद जुलाई 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट ने यूपी के सात जिलों में अवैध खनन मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे जिसमें, फतेहपुर, सहारनपुर, कौशांबी, हमीरपुर, शामली, देवरिया और सिद्धार्थनगर शामिल हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अभी मंगलवार को ही यूपी में 11 जगह सीबीआई ने छापेमारी की थी, वहीं बुधवार को बुलंदशहर के डीएम अभय सिंह के घर छापेमारी के बाद राजधानी लखनऊ में भी एक आईएएस के घर सीबीआई की टीम ने छापा मारा है। यहां कौशल विकास निगम के एमडी विवेक कुमार के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आवास पर सीबीआई की टीम ने छापा मारा है। इस दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे व उनकी पत्नी से काफी देर तक पूछताछ की। यहीं नहीं टीम उनके आवास से काफी दस्तावेज लेकर गई है। गौरतलब हो गई 2009 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक मार्च 2013 से जून 2013 तक देवरिया के डीएम थे। उन पर आरोप है कि अपने चार माह के कार्यकाल में उन्होने खनन पट्टों में खूब गड़बड़ी की। बता दें कि साल 2012 में अवैध खनन पट्टों को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2013 में आदेश दिया कि अब कोई भी नया पट्टा नहीं दिया जाएगा और न ही पुराने पट्टों का नवीनीकरण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि जब ये गड़बड़ी हुई उस समय करीब दस माह तक अभय सिंह यहां के डीएम थे। इस दौरान कोर्ट के आदेश के बावजूद भी खनन जारी रहा। जिसके बाद जुलाई 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट ने यूपी के सात जिलों में अवैध खनन मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे जिसमें, फतेहपुर, सहारनपुर, कौशांबी, हमीरपुर, शामली, देवरिया और सिद्धार्थनगर शामिल हैं।