मेडिकल कॉलेज घोटाला: लखनऊ में CBI ने पूर्व जज समेत 6 ठिकानो में की छापेमारी

CBI
लखनऊ में सीबाआई ने पूर्व जज समेत 6 ठिकानो में की छापेमारी

लखनऊ। मेडिकल कॉलेज घोटाले में सीबीआई ने मौजूदा हाई कोर्ट जज व पूर्व जज समेत लखनऊ के 6 ठिकानों पर छापे मारे की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में 6 प्राइवेट लोगों के घरों में भी सीबीआई की टीम ने जांच पड़ताल की है। मेडिकल कॉलेज घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कागजात खंगाले है। बताया जा रहा है कि सीबीआई टीम के हाथ कुछ दस्तावेज लगे है। जहां जहां छापेमारी की गयी है वहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। छापेमारी के दौरान किसी को अंदर से बाहर या बाहर से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गयी। वहीं इस मामले में जिन लोगों के नाम जुड़े हैं उनमे काफी खौफ है।

Cbi Raids 6 Places Including Former Judge In Lucknow :

आपको बता दें कि मामला लखनऊ में कानपुर रोड स्थित सपा के नेता बीपी यादव और पलाश यादव के प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का है। बताया गया कि 2017 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने मेडिकल संस्थान का निरीक्षण किया था। इस दौरान पाया गया था ​कि कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं कम थीं और पढ़ाई के मानक भी पूरे नहीं थे। उसी दौरान देश के 46 मेडिकल कॉलेजों में मानक पूरे न होने के चलते नए प्रवेशों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद प्रसाद इंस्टिट्यूट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की तो मेडिकल कॉलेजों को राहत नहीं मिली। फिर इंस्टिट्यूट द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला ने सुनवाई कर प्रसाद इंस्टिट्यूट को नए प्रवेश लेने की अनुमति दे दी। इस फैसले के बाद सूबे में काफी हड़कंप मच गया और जस्टिस शुक्ला पर भ्रष्टाचार का आरोप लग गया। इसके बाद मामले में उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस आईएम कुद्दूसी का नाम भी सामने आ गया। तो सीबीआई ने आईएम कुद्दूसी, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के मालिक बीपी यादव, पलाश यादव, मेरठ के एक मेडिकल कॉलेज के सुधीर गिरी, विश्वनाथ अग्रवाल, भावना पांडेय, समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

कुछ दिनो की जांच के बाद सीबीआई ने इस मामले में जस्टिस आईएम कुद्दुसी के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया। वहीं चार्जशीट में छह अन्य आरोपियों बीपी यादव, पलाश यादव, हवाला संचालक रामदेव सारस्वत, भावना पांडे और सुधीर गिरि, बिस्वनाथ अग्रवाल के नाम भी शामिल थे। इस दौरान कॉलेज हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गया और मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होने वाली थी। उस दौरान कॉलेज की तरफ से जस्टिस कुद्दुसी और पांडे से संपर्क किया गया। जज पर आरोप था तो सुप्रीम कोर्ट ने तीन जजों की एक कमिटी बनाई थी। बताया गया जब जस्टिस दीपक मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस थे तो उन्होने एसएन शुक्ला को इस्तीफा देने या वीआरएस लेने का प्रस्ताव दिया था साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी को पत्र लिखकर जस्टिस एसएन शुक्ला के खिलाफ संसद में महाभियोग लाने का प्रस्ताव भी दिया था।

लखनऊ। मेडिकल कॉलेज घोटाले में सीबीआई ने मौजूदा हाई कोर्ट जज व पूर्व जज समेत लखनऊ के 6 ठिकानों पर छापे मारे की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में 6 प्राइवेट लोगों के घरों में भी सीबीआई की टीम ने जांच पड़ताल की है। मेडिकल कॉलेज घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कागजात खंगाले है। बताया जा रहा है कि सीबीआई टीम के हाथ कुछ दस्तावेज लगे है। जहां जहां छापेमारी की गयी है वहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। छापेमारी के दौरान किसी को अंदर से बाहर या बाहर से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गयी। वहीं इस मामले में जिन लोगों के नाम जुड़े हैं उनमे काफी खौफ है। आपको बता दें कि मामला लखनऊ में कानपुर रोड स्थित सपा के नेता बीपी यादव और पलाश यादव के प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का है। बताया गया कि 2017 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने मेडिकल संस्थान का निरीक्षण किया था। इस दौरान पाया गया था ​कि कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं कम थीं और पढ़ाई के मानक भी पूरे नहीं थे। उसी दौरान देश के 46 मेडिकल कॉलेजों में मानक पूरे न होने के चलते नए प्रवेशों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद प्रसाद इंस्टिट्यूट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की तो मेडिकल कॉलेजों को राहत नहीं मिली। फिर इंस्टिट्यूट द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला ने सुनवाई कर प्रसाद इंस्टिट्यूट को नए प्रवेश लेने की अनुमति दे दी। इस फैसले के बाद सूबे में काफी हड़कंप मच गया और जस्टिस शुक्ला पर भ्रष्टाचार का आरोप लग गया। इसके बाद मामले में उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस आईएम कुद्दूसी का नाम भी सामने आ गया। तो सीबीआई ने आईएम कुद्दूसी, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के मालिक बीपी यादव, पलाश यादव, मेरठ के एक मेडिकल कॉलेज के सुधीर गिरी, विश्वनाथ अग्रवाल, भावना पांडेय, समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। कुछ दिनो की जांच के बाद सीबीआई ने इस मामले में जस्टिस आईएम कुद्दुसी के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया। वहीं चार्जशीट में छह अन्य आरोपियों बीपी यादव, पलाश यादव, हवाला संचालक रामदेव सारस्वत, भावना पांडे और सुधीर गिरि, बिस्वनाथ अग्रवाल के नाम भी शामिल थे। इस दौरान कॉलेज हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गया और मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होने वाली थी। उस दौरान कॉलेज की तरफ से जस्टिस कुद्दुसी और पांडे से संपर्क किया गया। जज पर आरोप था तो सुप्रीम कोर्ट ने तीन जजों की एक कमिटी बनाई थी। बताया गया जब जस्टिस दीपक मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस थे तो उन्होने एसएन शुक्ला को इस्तीफा देने या वीआरएस लेने का प्रस्ताव दिया था साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी को पत्र लिखकर जस्टिस एसएन शुक्ला के खिलाफ संसद में महाभियोग लाने का प्रस्ताव भी दिया था।