सीबीआई छापे ने बढ़ाई लालू की मुश्किलेें, जा सकती है तेजस्वी की कुर्सी

पटना। बिहार के पटना में शुक्रवार की सुबह शुरू हुई सीबीआई की ताबड़तोड़ छापेमारी ने सूबे की राजनीति को हिलाकर रख दिया है। पिछले तीन महीनोंं में लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों की बेनामी संपत्तियों को लेकर हुए खुलासों के बाद सामने आई इस कार्रवाई के बाद सीबीआई ने रावडी देवी और तेज प्रताप यादव के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली है। उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई की एफआईआर के बाद बिहार सरकार की कैबिनेट में मंत्री और उप मुख्यमंत्री के रूप आसीन तेजस्वी यादव को अपने पदों से हाथ धोना पड़ सकता है।
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मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने पटना और दिल्ली स्थित लालू प्रसाद यादव के 12 ठिकानों पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने लालू की पत्नी रावडी देवी और उनके पुत्र व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से करीब 8 घंटे बातचीत की है। बताया जा रहा है कि 25 अधिकारियों की टीम करीब 10 घंटों तक लालू यादव के आवास पर रही इस दौरान सीबीआई ने साक्ष्य के रूप में वहां से कई दस्तावेज जब्त किए हैं।

तेजस्वी इस्तीफा देंगे या नीतीश हटाएंगे —

सीबीआई द्वारा तेजस्वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाए जाने के बाद उनके इस्तीफे की चर्चा होने लगी है। इस एफआईआर के बाद तेजस्वी यादव स्वयं इस्तीफा देंगे या फिर सीएम नीतीश कुमार उन्हें अपने कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाएंगे। लेकिन कहा जा रहा है कि जदयू, आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार में रालोद सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में तेजस्वी पर इस्तीफे का दबाव बनाना आसान नहीं होगा। आरजेडी के नेताओं का कहना है कि सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड होने के बाद भी अगर साधवी उमा भारती केन्द्रीय कैबिनेट में रह सकती हैं तो ऐसे में केवल एक एफआईआर के बदले तेजस्वी के इस्तीफे की मांग करना गलत है।