6,172 करोड़ का काला धन खँगालने में जुटी सीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर की छापेमारी

नई दिल्ली। बीते दिन  एक न्यूज चैनल द्वारा उत्तरी दिल्ली में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में किए गए स्टिंग ऑपरेशन से उजागर हुए 6,172 करोड़ रुपये के काले धन के बाद अब सीबीआई ने मामले की जांच के लिए कमर कस ली है। सीबीआई ने शनिवार को बैंक में छापेमारी कर मामले की तफ्तीश शुरू की है। इसके अलावा सीबीआई ने कई अन्य जगहों पर भी छापा मारा। सीबीआई ने यह छापेमारी कांग्रेस के उस बयान के बाद की गई है जिसमें पार्टी ने काले धन का ठीकरा केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार पर फोड़ा।

सीबीआई सूत्रों ने कहा कि अशोक विहार स्थित बैंक की शाखा पर छापा मारा गया, जो विदेशी पूंजी से संबंधित लेनदेन करती है। छापे की कार्रवाई कुछ अन्य स्थानों पर भी हुई, लेकिन उसके विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। छापे की कार्रवाई अभी भी जारी है। बैंक की अशोक विहार शाखा में करीब 60 कंपनियों द्वारा खोले गये खातों की जांच की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामला दर्ज किया है और इस संबंध में तलाशी ली है।

मालूम हो कि बीते दिन कांग्रेस प्रवक्ता  आरपीएन सिंह ने कहा था कि चावल, दालें और काजू जैसी उपभोक्ता वस्तुएं मंगाने के लिए 6,172 करोड़ काला धन देश से बाहर भेजा गया है, लेकिन इस बात की छानबीन नहीं हुई कि उपभोक्ता वस्तुएं आईं या नहीं। उन्होने इस घोटाले की एक स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा था कि बैंक के 59 खातों में पहले ही धनराशि जमा कर दी गई थी और तीन कंपनियों ने जो पते दिए हैं, उनका अता-पता नहीं है। 

सिंह ने इस मामले का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि सरकार को घोटाले की जानकारी है, क्योंकि बैंक ने एक जांच की थी। सिंह ने सवाल किया कि इस बारे में प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई। उन्होने आरोप लगाया था कि सरकार हमें बताती है कि उसने 4,000 करोड़ रुपये काला धन वापस लाया है। लेकिन डेढ़ साल में 6,172 करोड़ रुपये हांगकांग चले गए। धन बाहर जा रहा है और वह भी बगैर दस्तावेज के।

आपको बता दे कि बीते दिन एक न्यूज चैनल ने दिल्ली के अशोक नगर इलाके में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में छापेमारी कर 6,172 करोड़ रुपये के काले धन का मामला उजागर किया था। पता चला था कि बैंक ऑफ बड़ौदा में हाल ही में खुलवाए गए करीब 59 नए बैंक खातों में गैरकानूनी तरीके से 6172 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए थे जो मौजूदा नियमों के खिलाफ है।

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