पहले अस्थाना ने सीबीआई निदेशक पर लगाये थे ये गंभीर आरोप

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पहले अस्थाना ने सीबीआई निदेशक पर लगाये थे ये गंभीर आरोप

Cbi Statement On Fir Against Special Director Rakesh Asthana

नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) ने कल विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ घूस लेने के आरोप में मामला दर्ज किया है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी पर अब सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। वहीं राजनीतिक पार्टियों ने भी केंद्र सरकार पर तंज कसने शुरू कर दिये हैं। अस्थाना पर आरोप है कि उन्होने मांस कारोबारी मोईन कुर्रेशी से उनके मामले में क्लीन चिट देने के एवज में रिश्वत ली है। मोईन पर मनी लांड्रिंग और भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। इसी मामले में अस्थाना ने सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए दो महीने पहले कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र भी लिखा था।

जांच एजेंसी ने अस्थाना के खिलाफ बिजनसमैन सतीश सना के बयान के बाद केस दर्ज किया है। सना का कहना है कि बिचौलिए मनोज प्रसाद ने 5 करोड़ रिश्वत देने के लिए कहा था। प्रसाद ने वादा किया था कि पैसे देने के बाद बार-बार मिलने वाले समन से पीछा छूट जाएगा और केस में क्लीन चिट भी मिल जाएगी। वहीं बीते दो महीने पहले राकेश अस्थाना ने दावा किया था कि सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा ने सना से 2 करोड़ की रिश्वत ली है। मामले को रफा-दफा करने के लिए सीबीआई डायरेक्टर ने यह रकम रिश्वत के तौर पर ली। हालांकि, सना के बयान के बाद कोर्ट ने अस्थाना की ही ऊपर एफआईआर कराई है।

माना जा रहा है कि सना ही वह मध्यस्थ था जिसने मोईन को क्लीन चिट दिलाने में अहम भूमिका निभाई। सीबीआइ ने मामले के एक अन्य बिचौलिये मनोज प्रसाद को 16 अक्टूबर को तब गिरफ्तार किया जब वह दुबई से लौटा था। मनोज और उसके भाई सोमेश ने रिश्वत में दी गई धनराशि का इंतजाम करने में प्रमुख भूमिका निभाई। सूत्रों के अनुसार मजिस्ट्रेट के सामने मनोज के इकबालिया बयान के बाद अस्थाना के खिलाफ दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज किया गया।

फोन कॉल और मैसेज बने सबूत-

विशेष निदेशक के खिलाफ घूसखोरी का मुकदमा दर्ज करने में सीबीआइ ने उन नौ फोन कॉल्स को भी सुबूत के तौर पर रखा है जो बिचौलिये मनोज प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद की गईं। मनोज की गिरफ्तारी के बाद मची अफरातफरी में ये फोन कॉल्स की गईं। 17 अक्टूबर को चार कॉल विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कीं। इनके अतिरिक्त कई वाट्सएप संदेशों को भी सुबूत के तौर पर रखा गया है। ये संदेश मनोज के मोबाइल फोन से बरामद हुए हैं।

दखल ना दे सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस ने रविवार को कहा कि केन्द्र को पूरी बात का खुलासा करना चाहिए और उसे सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ कथित रिश्वत मामले की जांच में दखल नहीं देना चाहिए। राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा, “पीएम के पसंदीदा, गुजरात कैडर अधिकारी, गोधरा एसआईटी के चर्चित, सीबीआई में नंबर-2 पद पर घुसपैठ करने वाले, अब रिश्वतखोरी कांड में फंस गए हैं। मौजूदा प्रधानमंत्री की कमान में सीबीआई राजनीतिक दुश्मनी निभाने का हथियार बन गई है। यह संस्था लगातार गिरावट की ओर है जो खुद से खुद की लड़ाई लड़ रही है।”

नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) ने कल विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ घूस लेने के आरोप में मामला दर्ज किया है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी पर अब सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। वहीं राजनीतिक पार्टियों ने भी केंद्र सरकार पर तंज कसने शुरू कर दिये हैं। अस्थाना पर आरोप है कि उन्होने मांस कारोबारी मोईन कुर्रेशी से उनके मामले में क्लीन चिट देने के एवज में रिश्वत ली है।…