पी चिदंबरम पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, घर पर पहुंची सीबीआई टीम, नहीं मिले पूर्व वित्त मंत्री

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पी चिदंबरम पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, घर पर पहुंची सीबीआई टीम, नहीं मिले पूर्व वित्त मंत्री

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार और मनीलॉन्ड्रिंग मामलों में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। उनकी जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की तो वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। वहां कोर्ट ने तुरन्त सुनवाई से इंकार किया तो सीबीआई तुरन्त एक्शन में आ गई और छह सदस्यीय टीम पी चिदंबरम के घर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच बुधवार को इस मामले की सुनवाई करेगी।

Cbi Team Arrives At Former Finance Minister Home Not Found :

बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम पूर्व केन्द्रीय मंत्री के घर पहुंची, लेकिन वो घर पर मौजूद नहीं थे, लिहाजा टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहे है कि टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए वहां पहुंची थी या फिर सिर्फ पूछताछ करनी थी।

मामला साल 2007 का है जब वह यूपीए के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे। उस वक्त आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितता बरते जाने का आरोप है। 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया।

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार और मनीलॉन्ड्रिंग मामलों में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। उनकी जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की तो वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। वहां कोर्ट ने तुरन्त सुनवाई से इंकार किया तो सीबीआई तुरन्त एक्शन में आ गई और छह सदस्यीय टीम पी चिदंबरम के घर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच बुधवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम पूर्व केन्द्रीय मंत्री के घर पहुंची, लेकिन वो घर पर मौजूद नहीं थे, लिहाजा टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहे है कि टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए वहां पहुंची थी या फिर सिर्फ पूछताछ करनी थी। मामला साल 2007 का है जब वह यूपीए के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे। उस वक्त आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितता बरते जाने का आरोप है। 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया।