यमुना एक्सप्रेस- वे में हुए 126 करोड़ रूपए के घोटालों की होगी सीबीआई जांच

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यमुना एक्सप्रेस- वे में हुए 126 करोड़ रूपए के घोटालों की होगी सीबीआई जांच

लखनऊ। यमुना एक्सप्रेस-वे औधोगिक विकास प्राधिकरण में हुए घोटालों की सीबीआई जांच होना लगभग तय हो गया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा सीबीआई जांच कराने की मांग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इसकी संस्तुति कर दी। जिसके बाद ग्रह विभाग ने सीबीआई जांच कराने सम्बंधी पत्र केन्द्र सरकार हो भेज दिए है।

Cbi Will Be Investigate In Yamuna Express Way Fraud Case :

बता दें कि औधोगिक विकास प्राधिकरण के तहत मथुरा में जमीन खरीद-फरोख्त में करीब 126 करोड़ रूपए के घोटाले की बात सामने आई थी। आरोप लगा था कि प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ पीसी गुप्ता व अन्य अधिकारियों ने अपने रिस्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए ये घोटाला किया था। जिसके तहत पहले तो 19 फर्जी कंपनिया बनाकर किसानों से सस्ती जमीने खरीदी गईं और फिर करोड़ो रूपए का फायदा लेकर वापस प्राधिकरण के हाथों बेंच ​दी गई। जिससे प्राधिकरण को करोड़ो रूपए का नुकसान हुआ था।

घोटाला उजागर होने के बाद प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. प्रभात कुमार ने जीएम प्लानिंग मीना सिंह से पूरे मामले की जांच कराई, जिसमें पता चला कि जमीन खरीद के समिति के अध्यक्ष बीपी सिंह ने गुमनाम समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर इस कारनामें को अंजाम दिया था, जिसमें ​प्राधिकरण को करोड़ो रूपए का नुकसान हुआ। जिसके बाद यमुना प्राधिकरण के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता, पूर्व तहसीलदार सुरेश चन्द्र शर्मा समे 21 अधिकारियों के नाम नोएडा के कासना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।

बता दें कि करीब दो सप्ताह पूर्व यमुना एक्सप्रेस-वे के अध्यक्ष द्वारा मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगी थी, जिसे सीएम ने मंजूरी दे दी। इससे सम्बंधित सभी दस्तावेज सोमवार को ग्रह विभाग को भेजे गए, तब से वो सभी दस्तावेजों को दुरूस्त करने में लगा था और गुुरूवार को इन्हे केन्द्र सरकार को भेज दिया है।

लखनऊ। यमुना एक्सप्रेस-वे औधोगिक विकास प्राधिकरण में हुए घोटालों की सीबीआई जांच होना लगभग तय हो गया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा सीबीआई जांच कराने की मांग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इसकी संस्तुति कर दी। जिसके बाद ग्रह विभाग ने सीबीआई जांच कराने सम्बंधी पत्र केन्द्र सरकार हो भेज दिए है।बता दें कि औधोगिक विकास प्राधिकरण के तहत मथुरा में जमीन खरीद-फरोख्त में करीब 126 करोड़ रूपए के घोटाले की बात सामने आई थी। आरोप लगा था कि प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ पीसी गुप्ता व अन्य अधिकारियों ने अपने रिस्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए ये घोटाला किया था। जिसके तहत पहले तो 19 फर्जी कंपनिया बनाकर किसानों से सस्ती जमीने खरीदी गईं और फिर करोड़ो रूपए का फायदा लेकर वापस प्राधिकरण के हाथों बेंच ​दी गई। जिससे प्राधिकरण को करोड़ो रूपए का नुकसान हुआ था।घोटाला उजागर होने के बाद प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. प्रभात कुमार ने जीएम प्लानिंग मीना सिंह से पूरे मामले की जांच कराई, जिसमें पता चला कि जमीन खरीद के समिति के अध्यक्ष बीपी सिंह ने गुमनाम समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर इस कारनामें को अंजाम दिया था, जिसमें ​प्राधिकरण को करोड़ो रूपए का नुकसान हुआ। जिसके बाद यमुना प्राधिकरण के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता, पूर्व तहसीलदार सुरेश चन्द्र शर्मा समे 21 अधिकारियों के नाम नोएडा के कासना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।बता दें कि करीब दो सप्ताह पूर्व यमुना एक्सप्रेस-वे के अध्यक्ष द्वारा मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगी थी, जिसे सीएम ने मंजूरी दे दी। इससे सम्बंधित सभी दस्तावेज सोमवार को ग्रह विभाग को भेजे गए, तब से वो सभी दस्तावेजों को दुरूस्त करने में लगा था और गुुरूवार को इन्हे केन्द्र सरकार को भेज दिया है।