CBSE की 12वीं की किताबों में लड़कियों के फिगर की जिक्र, हुआ हंगामा

नई दिल्ली। सीबीएसई की कक्षा 12वीं की शारीरिक शिक्षा की किताब में महिलाओं के 36-24-36 फिगर को सबसे अच्छे आकार के तौर पर परिभाषित किए जाने की वजह से सोशल मीडिया पर लोगों में काफी आक्रोश नज़र आ रहा है। यहां तक इस साबित को करने के लिए पाठ्यपुस्तक में तर्क भी दिया गया है कि मिस वर्ल्ड या मिस यूनिवर्स प्रतियोगिताओं में महिलाओं की ऐसी फिगर को ही तवज्जो दी जाती है। हालांकि लोगों में ऐसे पाठ्यक्रम का लगातार विरोध देखने को मिल रहा है।




द हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन नामक इस किताब में यह भी बताया गया है कि व्यायाम फिगर को आकर्षक बनाता है। इस तरह के सवालों को सोशल मीडिया पर देख एक बार फिर हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गयी है। जबकि इन एसबी मामले में सीबीएसई की पीआरओ रमा शर्मा ने कहा कि इसमें बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है। इसमें स्कूल और प्रकाशक की ज़िम्मेदारी है।

Cbse Ki 12vi Ki Kitabom Mein Ladkiyon Ke Figure Ki Jikr Hua Hangama :

ट्विटर के माध्यम से लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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नई दिल्ली। सीबीएसई की कक्षा 12वीं की शारीरिक शिक्षा की किताब में महिलाओं के 36-24-36 फिगर को सबसे अच्छे आकार के तौर पर परिभाषित किए जाने की वजह से सोशल मीडिया पर लोगों में काफी आक्रोश नज़र आ रहा है। यहां तक इस साबित को करने के लिए पाठ्यपुस्तक में तर्क भी दिया गया है कि मिस वर्ल्ड या मिस यूनिवर्स प्रतियोगिताओं में महिलाओं की ऐसी फिगर को ही तवज्जो दी जाती है। हालांकि लोगों में ऐसे पाठ्यक्रम का लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। द हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन नामक इस किताब में यह भी बताया गया है कि व्यायाम फिगर को आकर्षक बनाता है। इस तरह के सवालों को सोशल मीडिया पर देख एक बार फिर हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गयी है। जबकि इन एसबी मामले में सीबीएसई की पीआरओ रमा शर्मा ने कहा कि इसमें बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है। इसमें स्कूल और प्रकाशक की ज़िम्मेदारी है।ट्विटर के माध्यम से लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।11 2233