CBSE पेपर लीक: सभी परीक्षा केंद्रों पर केवल एक प्रश्नपत्र भेजे गए, CBSE आज कर सकती है परीक्षा की तारीखों का ऐलान

CBSE पेपर लीक
CBSE पेपर लीक: 10वीं मैथ्स और 12वीं इकोनॉमिक्स का पेपर दोबारा होगा

10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच पेपर लीक की वजहों को लेकर नई कहानी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर 3 वर्जन्स में नहीं बल्कि केवल एक प्रश्नपत्र ही भेजे गए थे, जिससे लीक करना आसान हो गया। अब तक जिसे ‘फुलप्रूफ’ सिस्टम समझा जा रहा था, उस पर दोबारा विचार करने का दबाव है।

Cbse Paper Leak Break From Tradition Made Leaks Easy :

सीबीएसई ने इन दोनों पेपर्स की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। इससे छात्रों के साथ ही अभिभावकों की भी परेशानी बढ़ गई है। छात्र सीबीएसई के खिलाफ वि रोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आज तिथियों का ऐलान हो सकता है। इस बीच, CBSE के पूर्व अधिकारियों और सूत्रों ने कहा है कि मौजूदा प्रणाली के तहत प्रोटोकॉल्स का पालन न किए जाने के कारण पेपर लीक हुए होंगे।

कुछ सूत्रों ने यह भी कहा कि केवल एक प्रश्नपत्र होने के कारण लीक करना आसान हो गया। इसी तरह के विचार रखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही शिक्षा बोर्ड परीक्षा में सुधारों की भी शुरुआत करेगा जिससे सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।

बोर्ड के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 20 लाख स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए दोबारा बैठना होगा क्योंकि वे इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि लीक हुआ पेपर कितने लोगों तक पहुंचा, खासतौर से जब यह वॉट्सऐप पर खूब शेयर किया गया। बोर्ड के एक पूर्व अधिकारी ने जोर देकर कहा, ‘वैसे तो CBSE के पास काफी मजबूत सिस्टम है, ऐसे में लगता है कि कुछ उल्लंघन जरूर हुआ है।’

10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच पेपर लीक की वजहों को लेकर नई कहानी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर 3 वर्जन्स में नहीं बल्कि केवल एक प्रश्नपत्र ही भेजे गए थे, जिससे लीक करना आसान हो गया। अब तक जिसे 'फुलप्रूफ' सिस्टम समझा जा रहा था, उस पर दोबारा विचार करने का दबाव है।सीबीएसई ने इन दोनों पेपर्स की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। इससे छात्रों के साथ ही अभिभावकों की भी परेशानी बढ़ गई है। छात्र सीबीएसई के खिलाफ वि रोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आज तिथियों का ऐलान हो सकता है। इस बीच, CBSE के पूर्व अधिकारियों और सूत्रों ने कहा है कि मौजूदा प्रणाली के तहत प्रोटोकॉल्स का पालन न किए जाने के कारण पेपर लीक हुए होंगे।कुछ सूत्रों ने यह भी कहा कि केवल एक प्रश्नपत्र होने के कारण लीक करना आसान हो गया। इसी तरह के विचार रखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही शिक्षा बोर्ड परीक्षा में सुधारों की भी शुरुआत करेगा जिससे सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।बोर्ड के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 20 लाख स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए दोबारा बैठना होगा क्योंकि वे इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि लीक हुआ पेपर कितने लोगों तक पहुंचा, खासतौर से जब यह वॉट्सऐप पर खूब शेयर किया गया। बोर्ड के एक पूर्व अधिकारी ने जोर देकर कहा, 'वैसे तो CBSE के पास काफी मजबूत सिस्टम है, ऐसे में लगता है कि कुछ उल्लंघन जरूर हुआ है।'