आर्टिकल 370 पर जबाब देने के लिए केन्द्र को सुप्रीम कोर्ट ने दिया 28 दिन का वक्त

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आर्टिकल 370 पर जबाब देने के लिए केन्द्र को सुप्रीम कोर्ट ने दिया 28 दिन का वक्त

दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद वहां के हालातों को लेकर दर्जनो याचिकाएं डाली गयी थी। उन्ही याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। केन्द्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट पंहुचे तो उन्होने कोर्ट से समय मांगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन व केन्द्र सरकार को अपनी जबाबदेही पेश करने के लिए 28 दिन का वक्त दिया है। अब अगली सुनवाई 14 नवम्बर को होगी।

Center Gives 28 Days Time To Center To Reply On Article 370 :

आपको बता दें कि इन याचिकाओं में घाटी में लगे प्रतिबंधों, आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी करने की वैधता, पत्रकारों पर लगी पाबन्दी को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को जहां चार हफ्ते का वक्त दिया है वहीं याचिकाकर्ताओं को भी अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। साथ में बता दें कि कोर्ट ने अब आर्टिकल 370 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली नई याचिकाओ पर कुछ दिन के लिए रोक लगा दी।

जहां कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन ने इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप होने के लिए याचिका दायर की थी। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अकबर लोन समेत एक दर्जन से अधिक लोगों ने आर्टिकल 370 को हटाने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका डाली है। जबकि सामाजिक कार्यकर्ता इनाक्षी गांगुली व अन्य ने बच्चों की हिरासत का मुद्दा उठाते हुए याचिका दाखिल की है। वहीं कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने भी जम्मू कश्मीर में जाने की अनुमति को लेकर याचिका दायर की है। हालांकि आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फारूक अब्दुल्ला की रिहाई की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दिया है।

दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद वहां के हालातों को लेकर दर्जनो याचिकाएं डाली गयी थी। उन्ही याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। केन्द्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट पंहुचे तो उन्होने कोर्ट से समय मांगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन व केन्द्र सरकार को अपनी जबाबदेही पेश करने के लिए 28 दिन का वक्त दिया है। अब अगली सुनवाई 14 नवम्बर को होगी। आपको बता दें कि इन याचिकाओं में घाटी में लगे प्रतिबंधों, आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी करने की वैधता, पत्रकारों पर लगी पाबन्दी को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को जहां चार हफ्ते का वक्त दिया है वहीं याचिकाकर्ताओं को भी अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। साथ में बता दें कि कोर्ट ने अब आर्टिकल 370 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली नई याचिकाओ पर कुछ दिन के लिए रोक लगा दी। जहां कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन ने इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप होने के लिए याचिका दायर की थी। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अकबर लोन समेत एक दर्जन से अधिक लोगों ने आर्टिकल 370 को हटाने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका डाली है। जबकि सामाजिक कार्यकर्ता इनाक्षी गांगुली व अन्य ने बच्चों की हिरासत का मुद्दा उठाते हुए याचिका दाखिल की है। वहीं कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने भी जम्मू कश्मीर में जाने की अनुमति को लेकर याचिका दायर की है। हालांकि आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फारूक अब्दुल्ला की रिहाई की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दिया है।