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बंगाल में हुए धार्मिक जमावड़़े को लेकर केन्द्र सरकार नाराज, गृह मंत्रालय ने मांगा जवाब

नई दिल्ली। कोरोना संकट को लेकर देश में 21 दिनो के लिए लॉकडाउन है इसके बावजूद पश्चिम बंगाल में लगातार लापरवाही की खबरे सामने आ रही है। कभी राशन बांटने को लेकर भी​ड़ एकत्र हो जाती है तो कभी धार्मिक कार्यक्रमो को लेकर। केन्द्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस लॉकडाउन के उल्लंघन पर सख्त आपत्ति जताई है। सूबे के मुख्य सचिव और डीजीपी को लिखे खत में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि पुलिस धार्मिक जमावड़े होने दे रही है और गैरजरूरी सामानों की दुकानें भी खुली हैं। इससे कोरोना का संक्रमण और फैलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी को लिखे खत में राज्य में लॉकडाउन के दौरान धार्मिक जमावड़े, गैरजरूरी सामानों की दुकानों के खुलने पर जताया ऐतराज जताया गया है। केंद्र ने कहा कि कई जगहों पर सब्जी, मछली और मटन की दुकानों में बेरोकटोक भीड़़ जमा हो रही है। केंद्र ने सांस्थानिक वितरण व्यवस्था के जरिए फ्री राशन बांटने के बजाय नेताओं के जरिए बंटवाने पर भी आपत्ति जताई है।

खत में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में सब्जी, मछली और मांस बाजारों पर किसी तरह का अंकुश नहीं लगाया गया है और इन जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय ने खत में लिखा है, ‘सुरक्षा एजेंसियों से मिल रहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन का असर धीरे-धीरे घट रहा है। राज्य सरकार की तरफ से दी जा रहीं छूट का दायरा बढ़ता ही जा रहा है।’

गृह मंत्रालय ने कहा है कि गैरजरूरी सामानों से जुड़ी दुकानों को भी खुलने की इजाजत दी गई है। इसके अलावा कोलकाता के राजा बाजार, नरकेल डांगा, तोपसिया, मेटियाबुर्ज, गार्डेनरीच, इकबालपुर और मनिकटाला में सब्जी, मछली और मटन मार्केट में भी लोग धड़ल्ले से सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए उमड़ रहे हैं।

लॉकडाउन के बीच भी एक दिन पहले मुर्शीदाबाद में एक मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए बड़ी तादाद में लोग जुटे थे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। गृह मंत्रालय ने अपने खत में लिखा है, ‘ऐसी सूचनाएं हैं कि पुलिस धार्मिक जमावड़ों को होने दे रही है। मुफ्त राशन को सांस्थानिक वितरण प्रणाली के बजाय नेताओं द्वारा बंटवाया जा रहा है। इससे कोविड-19 का संक्रमण फैल सकता है।’

गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियां डिजास्टर मैनेजमेंट ऐक्ट 2005 के तरत केंद्र सरकार की तरफ से समय-समय पर जारी आदेशों का उल्लंघन हैं और इस ऐक्ट के तहत यह दंडनीय है।

केंद्र ने खत में कहा है, ‘गुजारिश है कि इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएं और इस बारे में इस मंत्रालय (केंद्रीय गृह मंत्रालय) को तत्काल रिपोर्ट दी जाए।’ गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि भविष्य में इस तरह के उल्लंघनों को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।

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