1. हिन्दी समाचार
  2. खबरें
  3. केंद्र सरकार ने देश की पर्यावरण संरक्षण की रूपरेखा पर जानबूझकर अतिक्रमण किया : सोनिया गांधी

केंद्र सरकार ने देश की पर्यावरण संरक्षण की रूपरेखा पर जानबूझकर अतिक्रमण किया : सोनिया गांधी

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पर्यावरण को लेकर केंद्र सरकार के काम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पर्यावरण प्रभाव आकल (ईओईए)-2020 की अधिसूचना के मसौदे पर गुरुवार को सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों को छिन्न-भिन्न करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही मसौदे को वापस लेने की अपील की है।

सोनिया गांधी ने कहा कि पर्यावण की रक्षा करना सरकार का एक सामाजिक कर्तव्य है और उसे इसका निर्वहन करना चाहिए। सोनिया गांधी ने एक लेख में कहा है कि, ‘पर्यारण का सरंक्षण और लोक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का काम साथ-साथ होना जरूरी है। साथ ही सभी के लिए सम्मानजनक जीविका की उपलब्धता होनी चाहिए।’

उनके मुताबिक, अनियंत्रित आर्थिक विकास की कल्पना के पीछे भागने से हमारे देश को पर्यावरण और लोगों के अधिकारों दोनों का त्याग अक्सर करना पड़ा है। तरक्की के लिए व्यापारिक गतिविधियों की जरूरत होती है, लेकिन कुछ सीमाओं को लांघा नहीं जा सकता।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में केंद्र सरकार ने देश की पर्यावरण संरक्षण की रूपरेखा पर जानबूझकर अतिक्रमण किया है। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा समय की महामारी से सरकार को अपनी पर्यावरण और जन स्वास्थ्य संबंधी शासन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का अहसास हो जाना चाहिए था। लेकिन इसके उलट पर्यावरण मंत्रालय उचित जन परामर्श के बिना लॉकडाउन के दौरान परियोजनाओं की मंजूरी दे रहा है।’

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...