वैकल्पिक ईधन वाले वाहनों के लिए जल्द बनेगी नीति : नितिन गडकरी

वैकल्पिक ईधन वाले वाहनों के लिए जल्द बनेगी नीति : नितिन गडकरी

नई दिल्ली। केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने इशारे ही इशारे में कह दिया है कि भारतीय कार बाजार में पैट्रोल और डीजल चालित कारों की बिक्री के दिन बहुरने वाले हैं। उन्होंने वाहन निर्माता कंपनियों को वै​कल्पिक ईधन से चालित वाहनों को लेकर जल्द विचार करने को कहा है। यह पहला मौका नहीं है जब​ किसी केन्द्रीय मंत्री ने इस तरह की बात कही हो। इससे पहले पूर्व केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ने भी कुछ इसी तरह का बयान देते हुए अपने मंत्रालय में प्रयोग के लिए 1000 इलेक्ट्रिक कारें खरीदने की योजना बनाई थी। उनका मानना था कि भारत की सड़कों पर 2030 तक इलेक्ट्रिक कारें पैट्रोल और डीजल वाहनों की जगह ले चुकी होंगी।

​केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने केन्द्र सरकार की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों के प्रयोग को प्रोत्साहन देने की दिशा में योजना बनाना शुरू कर दिया है। सरकार एक नो​टीफिकेशन पर काम कर रही है। जिसके बाद सरकार इलेक्ट्रिक कारों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाने की दिशा में काम शुरू करेगी।

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भारतीय वाहन ​निर्माताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार पैट्रोल और डीजल से चालित वाहनों पर पाबंदी लगाने का विचार बनाया है। अगर समय रहते वाहन निर्माताओं ने सरकार का साथ नहीं दिया तो आने वाले समय में उन्हे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

क्या कहता है भारत का कार बाजार

परिवहन मंत्री भले ही इलेक्ट्रिक कारों को प्रचलन में लाने का दंभ भर रहे हों लेकिन यह असलियत है कि हमारे देश में अभी तक वैकल्पिक ईधन के रूप में प्रचारित सीएनजी गैस आज तक देश के 50 महानगरों में भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है। रही बात इलेक्ट्रिक कारों की तो आपको बता दें कि भारत अभी तक अपने हर नागरिक को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने की गारंटी तक नहीं दे पाया है। ऐसे में बिजली चालित कारों का भविष्य क्या होगा यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की बात की जाए तो अब तक केवल महिंद्रा कंपनी ने ही इस क्षेत्र में प्रयास किए हैं, लेकिन ऐसी कारों का प्रयोग केवल शहरी इलाकों तक सीमित होने की वजह से इलेक्ट्रिक कारें कुछ चुनिंदा ग्राहकों का ही ध्यान अपनी ओर आ​कर्षित कर पाईं हैं।

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