केन्द्र सरकार ने बोडो शांति समझौते पर किये हस्ताक्षर,गृहमंत्री अमित शाह ने कही ये बात

Amit Shah
गृह मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े, 10 साल में इतने बांग्लादेशियों को मिली भारत की नागरिकता

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सभी गुटों के प्रतिनिधियों के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद थे। यह संगठन लंबे समय से अलग बोडोलैंड राज्य की मांग कर रहे थे।

Central Government Signs Bodo Peace Deal Home Minister Amit Shah Said This :

असम के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि नई दिल्ली में सोमवार को हस्ताक्षरित ‘बोडो शांति समझौता’ दशकों पुराने बोडो मुद्दे के ‘पूर्ण एवं अंतिम’ समाधान की ओर ले जाएगा। शर्मा ने एक ट्वीट में कहा कि बोडो शांति समझौता को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल नीत असम सरकार और बोडोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल (बीटीसी) प्रमुख हागरामा मोहीलरी का पूरा समर्थन प्राप्त है, जो इसे दशकों पुराने बोडो मुद्दे को लेकर पूर्ण एवं अंतिम समाधान बनाता है।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज केंद्र, असम सरकार और बोडो प्रतिनिधियों ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता असम के लिए और बोडो लोगों के लिए एक सुनहरा भविष्य सुनिश्चित करेगा। अमित शाह ने कहा कि 130 हथियारों के साथ 1550 कैडर 30 जनवरी को आत्मसमर्पण करेंगे। गृह मंत्री के तौर पर मैं सभी प्रतिनिधियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सभी वादे समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।

लंबे समय से बोडो राज्य की मांग करते हुए आंदोलन चलाने वाले ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस त्रिपक्षीय समझौते पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एनडीएफबी के चार गुटों के नेतृत्व, एबीएसयू, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समझौता है। उन्होंने कहा कि इससे बोडो मुद्दे का व्यापक हल मिल सकेगा।

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सभी गुटों के प्रतिनिधियों के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद थे। यह संगठन लंबे समय से अलग बोडोलैंड राज्य की मांग कर रहे थे। असम के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि नई दिल्ली में सोमवार को हस्ताक्षरित ‘बोडो शांति समझौता' दशकों पुराने बोडो मुद्दे के ‘पूर्ण एवं अंतिम' समाधान की ओर ले जाएगा। शर्मा ने एक ट्वीट में कहा कि बोडो शांति समझौता को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल नीत असम सरकार और बोडोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल (बीटीसी) प्रमुख हागरामा मोहीलरी का पूरा समर्थन प्राप्त है, जो इसे दशकों पुराने बोडो मुद्दे को लेकर पूर्ण एवं अंतिम समाधान बनाता है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज केंद्र, असम सरकार और बोडो प्रतिनिधियों ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता असम के लिए और बोडो लोगों के लिए एक सुनहरा भविष्य सुनिश्चित करेगा। अमित शाह ने कहा कि 130 हथियारों के साथ 1550 कैडर 30 जनवरी को आत्मसमर्पण करेंगे। गृह मंत्री के तौर पर मैं सभी प्रतिनिधियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सभी वादे समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। लंबे समय से बोडो राज्य की मांग करते हुए आंदोलन चलाने वाले ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस त्रिपक्षीय समझौते पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एनडीएफबी के चार गुटों के नेतृत्व, एबीएसयू, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समझौता है। उन्होंने कहा कि इससे बोडो मुद्दे का व्यापक हल मिल सकेगा।