अमृतसर ट्रेन हादसा: जांच रिपोर्ट में रेलवे को क्लीन चिट, कहा- ट्रैक पर खड़े लोग जिम्मेदार

अमृतसर ट्रेन हादसा: जांच रिपोर्ट में रेलवे को क्लीन चिट, कहा- ट्रैक पर खड़े लोग जिम्मेदार
अमृतसर ट्रेन हादसा: जांच रिपोर्ट में रेलवे को क्लीन चिट, कहा- ट्रैक पर खड़े लोग जिम्मेदार

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर (Amritsar Train Accident)में दशहरा के दिन हुए ट्रेन हादसे में रेलवे को क्लीनचिट मिल गई है। हादसे में 61 लोग मारे गए थे। सीसीआरएस ने यह भी सिफारिश की है कि आयोजकों और जिला प्रशासन द्वारा मेला, रैली जैसे बड़े आयोजनों की सूचना पहले रेलवे को देना चाहिए। ताकि रेलवे सावधानी बरत सके। अमृतसर हादसे की जांच कर रहे रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजहें भी निनाई हैं।

Centre Gives Clean Chit To Railways On Amritsar Train Accident :

विमानन मंत्रालय को सौंपी और वहां से रेल मंत्रालय को प्रेषित की गई रिपोर्ट में संरक्षा आयुक्त शैलेष पाठक ने इसे रेल हादसा मानने के बजाय ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ के रूप में निरूपित किया है और इसके लिए ‘रेलवे लाइन के निकट जनता के कार्य व्यवहार में त्रुटि’ को जिम्मेदार ठहराया है।

आयुक्त ने लिखा है कि ”19 अक्टूबर को फिरोजपुर मंडल के अमृतसर-जेयूसी सेक्शन में अमृतसर स्टेशन के जौड़ा पाठक के नजदीक सायं छह बजकर 55 मिनट पर 60 लोगों के ट्रेन से कटने की दुर्भाग्यपूर्ण ‘घटना’ उन लोगों की लापरवाही से हुई जो रेलवे ट्रैक के निकट खड़े होकर धोबी घाट पर आयोजित दशहरा मेला का अवलोकन कर रहे थे।”

बता दें कि अमृतसर में दशहरे के दिन रामलीला देखने आए लोगों को ट्रेन ने कुचल दिया था। भीड़ होने की वजह से कुछ लोग मैदान के पास ही मौजूद पटरी पर खड़े होकर रावण वध देख रहे थे। लेकिन इसी बीच अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास से दो ट्रेनें गुज़री और महज़ 32 सेकेंड में 61 लोगों की जानें चली गईं। मामले में ट्रेन के ड्राइवर ने भी अपना लिखित बयान दिया था।

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर (Amritsar Train Accident)में दशहरा के दिन हुए ट्रेन हादसे में रेलवे को क्लीनचिट मिल गई है। हादसे में 61 लोग मारे गए थे। सीसीआरएस ने यह भी सिफारिश की है कि आयोजकों और जिला प्रशासन द्वारा मेला, रैली जैसे बड़े आयोजनों की सूचना पहले रेलवे को देना चाहिए। ताकि रेलवे सावधानी बरत सके। अमृतसर हादसे की जांच कर रहे रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजहें भी निनाई हैं। विमानन मंत्रालय को सौंपी और वहां से रेल मंत्रालय को प्रेषित की गई रिपोर्ट में संरक्षा आयुक्त शैलेष पाठक ने इसे रेल हादसा मानने के बजाय 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' के रूप में निरूपित किया है और इसके लिए 'रेलवे लाइन के निकट जनता के कार्य व्यवहार में त्रुटि' को जिम्मेदार ठहराया है। आयुक्त ने लिखा है कि ''19 अक्टूबर को फिरोजपुर मंडल के अमृतसर-जेयूसी सेक्शन में अमृतसर स्टेशन के जौड़ा पाठक के नजदीक सायं छह बजकर 55 मिनट पर 60 लोगों के ट्रेन से कटने की दुर्भाग्यपूर्ण 'घटना' उन लोगों की लापरवाही से हुई जो रेलवे ट्रैक के निकट खड़े होकर धोबी घाट पर आयोजित दशहरा मेला का अवलोकन कर रहे थे।'' बता दें कि अमृतसर में दशहरे के दिन रामलीला देखने आए लोगों को ट्रेन ने कुचल दिया था। भीड़ होने की वजह से कुछ लोग मैदान के पास ही मौजूद पटरी पर खड़े होकर रावण वध देख रहे थे। लेकिन इसी बीच अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास से दो ट्रेनें गुज़री और महज़ 32 सेकेंड में 61 लोगों की जानें चली गईं। मामले में ट्रेन के ड्राइवर ने भी अपना लिखित बयान दिया था।