नवरात्रि में इन मंत्रों के जाप से पूरी होगी मनोकामना, दूर होगी आर्थिक तंगी

नवरात्रि ,
Navratri 2018: इस समयकाल में करें कलश स्थापना, इन बातों का रखें ध्यान

लखनऊ। नवरात्रि के समय सच्चे मन से की गयी पूजा से मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि मां आपकी हर मनोकामना पूर्ण करें तो नवरात्रि के नौ दिन मां के अलग-अलग स्वरूपों के लिए हर दिन मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि चैत्र नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का जाप करने से सभी सुखों की प्राप्ति संभव है। ये मंत्र बहुत ही चमत्कारी हैं, अगर आप विधिपूर्वक मंत्रों का जाप करते हैं तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। अगर आप मंत्र का गलत उच्चारण करते हैं तो कहीं न कहीं आपको इसका परिणाम भी भुगतना पड़ता है।

Chaitra Navratri 2018 Navratri Mantra :

जाप से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्रि के दिनों में रोजाना सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले माता दुर्गा की पूजा करें। इसके बाद एकांत में कुश के आसन पर बैठकर लाल चंदन के मोतियों की माला से इन मंत्रों का जाप करें। इन मंत्रों की प्रतिदिन 5 माला जाप करने से मन को शांति तथा प्रसन्नता मिलती है। यदि जाप का समय, स्थान, आसन, तथा माला एक ही हो तो यह मंत्र शीघ्र ही सिद्ध हो जाते हैं।

गरीबी मिटाने के लिए

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्रयदु:खभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता।।

रक्षा के लिए

शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके।
घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च।।

सुंदर पत्नी के लिए मंत्र

पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्।।

बाधा शांति के लिए

सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वरिविनासनम्।।

सामूहिक कल्याण के लिए मंत्र

देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या
निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां
भकत्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न: ।।

भय नाश के लिए

यस्या: प्रभावमतुलं भगवाननन्तो
ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च।
सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय
नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु।।

रोग नाश के लिए

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा
रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान् ।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां
त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति।।

विपत्ति नाश के लिए मंत्र

देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद
प्रसीद मातर्जगतोखिलस्य।
प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं
त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।।

लखनऊ। नवरात्रि के समय सच्चे मन से की गयी पूजा से मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि मां आपकी हर मनोकामना पूर्ण करें तो नवरात्रि के नौ दिन मां के अलग-अलग स्वरूपों के लिए हर दिन मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि चैत्र नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का जाप करने से सभी सुखों की प्राप्ति संभव है। ये मंत्र बहुत ही चमत्कारी हैं, अगर आप विधिपूर्वक मंत्रों का जाप करते हैं तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। अगर आप मंत्र का गलत उच्चारण करते हैं तो कहीं न कहीं आपको इसका परिणाम भी भुगतना पड़ता है।जाप से पहले इन बातों का रखें ध्याननवरात्रि के दिनों में रोजाना सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले माता दुर्गा की पूजा करें। इसके बाद एकांत में कुश के आसन पर बैठकर लाल चंदन के मोतियों की माला से इन मंत्रों का जाप करें। इन मंत्रों की प्रतिदिन 5 माला जाप करने से मन को शांति तथा प्रसन्नता मिलती है। यदि जाप का समय, स्थान, आसन, तथा माला एक ही हो तो यह मंत्र शीघ्र ही सिद्ध हो जाते हैं।गरीबी मिटाने के लिएदुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो: स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्रयदु:खभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता।।रक्षा के लिएशूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके। घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च।।सुंदर पत्नी के लिए मंत्रपत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्।।बाधा शांति के लिएसर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वरिविनासनम्।।सामूहिक कल्याण के लिए मंत्रदेव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भकत्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न: ।।भय नाश के लिएयस्या: प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च। सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु।।रोग नाश के लिएरोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान् । त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति।।विपत्ति नाश के लिए मंत्रदेवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।।