Ram Navami 2019: जानें कब पड़ रही है राम नवमी और क्या है इस दिन का महत्व

Ram Navami 2019: जानें कब पड़ रही है राम नवमी और क्या है इस दिन का महत्व
Ram Navami 2019: जानें कब पड़ रही है राम नवमी और क्या है इस दिन का महत्व

लखनऊ। हिंदू धर्म में मां दुर्गा के त्योहार नवरात्रि का विशेष होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू हुई थी और 14 अप्रैल को राम नवमी की पूजा के साथ नवरात्रि का समापन होगा। राम के जन्म का पर्व रामनवमी पूरे भारतवर्ष में काफी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जाने राम नवमी और अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि…

Chaitra Navratri 2019 Know When Is Sri Ram Navmi Date :

अष्टमी और नवमी का शुभ मुहूर्त

13 अप्रैल को शुभ मुहूर्त-प्रातः सूर्योदय से 08 बजकर 15 मिनट तक अष्टमी है। इसके बाद ही नवमी तिथि लग जाएगी। 13 को अष्टमी युक्त नवमी है, इसके साथ ही राम नवमी पूजन का शुभ मुहूर्त 11:56 से 12:47 तक है।

राम नवमी पूज विधि

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल पर सभी प्रकार की पूजन सामग्री लेकर बैठ जाएं।
  • पूजा की थाली में तुलसी पत्ता और कमल का फूल अवश्य रखें।
  • रामलला की मूर्ति को माला और फूल से सजाकर पालने में झूलाएं।
  • इसके बाद रामनवमी की पूजा षोडशोपचार करें।
  • इसके साथ ही रामायण का पाठ तथा राम रक्षास्त्रोत का भी पाठ करें।
  • भगवान राम को खीर, फल और अन्य प्रसाद चढ़ाएं।
  • पूजा के बाद घर की सबसे छोटी कन्या के माथे पर तिलक लगाएं और श्री राम की आरती उतारें।

इसलिए मनायी जाती है राम नवमी

अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं, लेकिन तीनों रानियों में से किसी को पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई थी। तब ऋषि मुनियों से सलाह लेकर राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। इस यज्ञ से निकली खीर को राजा दशरथ ने अपनी बड़ी रानी कौशल्या को खिलाया। इसके बाद चैत्र शुक्ल नवमी को पुनरसु नक्षत्र एवं कर्क लग्न में माता कौशल्या की कोख से भगवान श्री राम का जन्म हुआ। तब से यह तिथि राम नवमी के रूप में मनायी जाती है।

लखनऊ। हिंदू धर्म में मां दुर्गा के त्योहार नवरात्रि का विशेष होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू हुई थी और 14 अप्रैल को राम नवमी की पूजा के साथ नवरात्रि का समापन होगा। राम के जन्म का पर्व रामनवमी पूरे भारतवर्ष में काफी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जाने राम नवमी और अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि...

अष्टमी और नवमी का शुभ मुहूर्त

13 अप्रैल को शुभ मुहूर्त-प्रातः सूर्योदय से 08 बजकर 15 मिनट तक अष्टमी है। इसके बाद ही नवमी तिथि लग जाएगी। 13 को अष्टमी युक्त नवमी है, इसके साथ ही राम नवमी पूजन का शुभ मुहूर्त 11:56 से 12:47 तक है।

राम नवमी पूज विधि

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल पर सभी प्रकार की पूजन सामग्री लेकर बैठ जाएं।
  • पूजा की थाली में तुलसी पत्ता और कमल का फूल अवश्य रखें।
  • रामलला की मूर्ति को माला और फूल से सजाकर पालने में झूलाएं।
  • इसके बाद रामनवमी की पूजा षोडशोपचार करें।
  • इसके साथ ही रामायण का पाठ तथा राम रक्षास्त्रोत का भी पाठ करें।
  • भगवान राम को खीर, फल और अन्य प्रसाद चढ़ाएं।
  • पूजा के बाद घर की सबसे छोटी कन्या के माथे पर तिलक लगाएं और श्री राम की आरती उतारें।

इसलिए मनायी जाती है राम नवमी

अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं, लेकिन तीनों रानियों में से किसी को पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई थी। तब ऋषि मुनियों से सलाह लेकर राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। इस यज्ञ से निकली खीर को राजा दशरथ ने अपनी बड़ी रानी कौशल्या को खिलाया। इसके बाद चैत्र शुक्ल नवमी को पुनरसु नक्षत्र एवं कर्क लग्न में माता कौशल्या की कोख से भगवान श्री राम का जन्म हुआ। तब से यह तिथि राम नवमी के रूप में मनायी जाती है।