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Chaitra Navratri Ghatasthapana 2022: जानिए नवरात्रि में घट स्थापना क्यों किया जाता है, वर्जित है इस दिन 

नवरात्रि का पर्व प्रकृति और जीवन के समन्वय का पर्व है। ऋतुओं के परिवर्तन के समय प्रकृति का संदेश देती है। जीवन को ऊर्जा के साथ जीने के लिए प्रकृति की शक्ति स्वरूपा देवी मां दुर्गा का विधि विधान से पूजन करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Chaitra Navratri Ghatasthapana 2022 :  नवरात्रि का पर्व प्रकृति और जीवन के समन्वय का पर्व है। ऋतुओं के परिवर्तन के समय प्रकृति का संदेश देती है। जीवन को ऊर्जा के साथ जीने के लिए प्रकृति की शक्ति स्वरूपा देवी मां दुर्गा का विधि विधान से पूजन करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मां दुर्गा की पूजा का सर्वोत्तम समय नवरात्रि होता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल 2022 से शुरू होगी और 11 अप्रैल 2022 को समापन होगा। चैत्र नवरात्रि की  घटस्थापना का शुभ मुहूर्त शनिवार, अप्रैल 2, 2022 को सुबह 06:10 से 08:31 बजे तक तक रहेगा।

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मां की पूजा के लिए  ‘कलश स्थापना’ किया जाता है। घट स्थापना को ‘कलश स्थापना’ भी कहते हैं। कलश को सुख- समृद्धि, ऐश्वर्य देने वाला तथा मंगलकारी माना जाता है। कलश के मुख में भगवान विष्णु, गले में रुद्र, मूल में ब्रह्मा तथा मध्य में देवी शक्ति का निवास माना जाता है। नवरात्रि के समय ब्रह्मांड में उपस्थित शक्तियों का घट में आह्वान करके उसे कार्यरत किया जाता है।अमावस्या और रात के समय घटस्थापना वर्जित है। घटस्थापना के दौरान नक्षत्र चित्र और वैधृति योग से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन वे निषिद्ध नहीं हैं।

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