बीएचयू विवाद पर बोले कुलाधिपति गिरधर मालवीय, ज्ञान जहां से से मिले गृहण करना चाहिए

Girdhar malviya
बीएचयू विवाद पर बोले कुलाधिपति गिरधर मालवीय, ज्ञान जहां से से मिले गृहण करना चाहिए

वाराणसी। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलाधिपति एवं पूर्व न्यायाधीश गिरधर मालवीय ने विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को उचित ठहराया है।

Chancellor Girdhar Malaviya Said On Bhu Controversy Gyan From Where Knowledge Should Be Done :

विवाद से आहत गिरधर मालवीय ने कहा कि छात्रों को सही ढंग से समझने वाला कोई नहीं है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने भी भाई लक्ष्मण को ज्ञान के लिए रावण के पास भेजा था। मालवीय ने कहा कि ज्ञान जहां से भी मिले उसे ग्रहण करना चाहिए।

गुरुवार देर रात मालवीय ने एक बयान जारी कर कहा कि मेरा स्वास्थ्य इस समय ठीक नहीं है। अन्यथा मैं स्वयं छात्रों को समझाने जाता। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि कोई इसमें कुछ गलत नहीं है। वे संस्कृत के विद्वान हैं।

हमारी तो यह परम्परा रही है कि ज्ञान जहां से भी मिले उसे लेना चाहिए। ऐसे में बीएचयू के विद्यार्थियों का यह कहना कि एक मुस्लिम शिक्षक उन्हें संस्कृत नहीं पढ़ा सकता, जबकि वे पढ़ाने में सर्वथा योग्य हैं, तो यह उनकी गलतफहमी है। बच्‍चों को समझाने की आवश्‍यकता है।

मालवीय ने कहा कि मैं विद्यार्थियों को भी सलाह देता हूं कि वे इस तरह की जिद छोड़ें और एक विद्वान को अपने बीच में पाकर प्रसन्‍न हों। मैं समझता हूं कि जल्द ही वहां पर सदबुद्धी का प्रसार होगा। सब लोग इस बात को समझेंगे और ये आंदोलन समाप्‍त होगा। गिरधर मालवीय फिलहाल प्रयागराज में रहते हैं।

वाराणसी। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलाधिपति एवं पूर्व न्यायाधीश गिरधर मालवीय ने विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को उचित ठहराया है। विवाद से आहत गिरधर मालवीय ने कहा कि छात्रों को सही ढंग से समझने वाला कोई नहीं है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने भी भाई लक्ष्मण को ज्ञान के लिए रावण के पास भेजा था। मालवीय ने कहा कि ज्ञान जहां से भी मिले उसे ग्रहण करना चाहिए। गुरुवार देर रात मालवीय ने एक बयान जारी कर कहा कि मेरा स्वास्थ्य इस समय ठीक नहीं है। अन्यथा मैं स्वयं छात्रों को समझाने जाता। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि कोई इसमें कुछ गलत नहीं है। वे संस्कृत के विद्वान हैं। हमारी तो यह परम्परा रही है कि ज्ञान जहां से भी मिले उसे लेना चाहिए। ऐसे में बीएचयू के विद्यार्थियों का यह कहना कि एक मुस्लिम शिक्षक उन्हें संस्कृत नहीं पढ़ा सकता, जबकि वे पढ़ाने में सर्वथा योग्य हैं, तो यह उनकी गलतफहमी है। बच्‍चों को समझाने की आवश्‍यकता है। मालवीय ने कहा कि मैं विद्यार्थियों को भी सलाह देता हूं कि वे इस तरह की जिद छोड़ें और एक विद्वान को अपने बीच में पाकर प्रसन्‍न हों। मैं समझता हूं कि जल्द ही वहां पर सदबुद्धी का प्रसार होगा। सब लोग इस बात को समझेंगे और ये आंदोलन समाप्‍त होगा। गिरधर मालवीय फिलहाल प्रयागराज में रहते हैं।