चंद्र बाबू नायडू ने उठाई 2000 का नोट बंद करने की मांग

चंद्र बाबू नायडू ने उठाई 2000 का नोट बंद करने की मांग

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू ने नोटबंदी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बनाई गई कमेटी के चेयरमैन रह चुके है। नोटबंदी के समर्थक नेताओं में रहे नायडू का मानना है कि नोटबंदी के समय बाजार में करेंसी की कमी के चलते किया गया 2000 रुपए के नोटों का मुद्रण सही फैसला था, लेकिन अब यह करेंसी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।

चंन्द्र बाबू नायडू ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह हमेशा से ही बड़े करेंसी नोटों के विरोध में रहे हैं। लेकिन नोटबंदी के समय बड़ी करेंसी रद्द हो जाने से खड़ी हुई समस्या को दूर करने के लिए 2000 का नोट लाया जाना उस समय की जरूरत थी। छोटे करेंसी नोट के मुद्रण से उस समय करेंसी की कमी को दूर कर पाना मुश्किल था।

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इसके साथ ही नोटबंदी के बाद लागू हुए जीएसटी का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि जब भी कोई सरकारें सुधार के लिए बड़ा कदम उठाती है, तो उसके परिणाम आने में समय लगता है। जीएसटी में जो समस्याएं सामने आ रहीं हैं या सुधार की जो संभावनाएं हैं उन्हें लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से उन्होंने मुलाकात की है। इसमें कई ऐसी आधारभूत समस्याएं हैं जिनमें सुधार की जरूरत है।

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