नतीजों से पहले मिशन गठबंधन पर चंद्रबाबू, राहुल, शरद पवार के बाद अखिलेश और माया से करेंगे मुलाकात

chandar babu
नतीजों से पहले ही मिशन गठबंधन पर चंद्रबाबू नायडू, राहुल गांधी के बाद शरद पवार से की मुलाकात

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में अभी पांच दिन बाकी हैं लेकिन विपक्ष संभावित समीकरणों को लेकर एक्टिव हो गया है। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू सातवें और आखिरी चरण के चुनाव से पहले बेहद सक्रिय हो गये हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने एनसीपी चीफ शरद पवार से दिल्ली में मुलाकात की है। वहीं इसके बाद वह सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात करेंगे।

Chandrababu Naidu Meets Opposition Leaders Before Election Results :

नायडू की यह सक्रियता तीसरे मोर्चे की संभावनाओं के तौर पर देखी जा रही है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि बीजेपी केन्द्र की सत्ता से बेदखल करने के लिए हम पीएम का त्याग कर सकते हैं। इस बयान के बाद सियासी पारा बढ़ते ही वह अपने बयान से पलट गये थे। माना जा रहा है कि बीजेपी को बहुमत न मिलने की स्थिति में कांग्रेस किसी अन्य विपक्षी नेता के नाम पर भी पीएम के लिए सहमति जता सकती है।

माना जा रहा है कि केंद्र में कर्नाटक मॉडल पर सरकार बनाने की जुगत शुरू हो सकती है। इस बीच जेडीएस के मुखिया एचडी देवेगौड़ा ने कांग्रेस के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वे कांग्रेस को समर्थन के लिए तैयार हैं। ऐसे में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नतीजों के दौरान अपनी सरकार नहीं बनते देख कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी।

इसके बाद एच डी कुमारस्वामी राज्य के सीएम बने थे। वहीं अब चुनाव नतीजों के आने से पहले कांग्रेस चाहती है कि सभी गैर—एनडीए नेता पहले एक बैठक करें। हालांकि माया और अखिलेश अभी इसको लेकर परहेज किया है। वहीं चन्द्र बाबू नायडू माया और अखिलेश से मिलने के तैयारी कर ली है।

बताया जा रहा है कि वह माया और अखिलेश को दिल्ली में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए मनाने का प्रयास करेंगे। चर्चा यह भी है कि गुलाम नबी आजाद के बयान के बाद से नायडू और बसपा सुप्रीमो मायावती भी खुद को पीएम की रेस में शामिल कर लिया है।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में अभी पांच दिन बाकी हैं लेकिन विपक्ष संभावित समीकरणों को लेकर एक्टिव हो गया है। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू सातवें और आखिरी चरण के चुनाव से पहले बेहद सक्रिय हो गये हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने एनसीपी चीफ शरद पवार से दिल्ली में मुलाकात की है। वहीं इसके बाद वह सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात करेंगे। नायडू की यह सक्रियता तीसरे मोर्चे की संभावनाओं के तौर पर देखी जा रही है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि बीजेपी केन्द्र की सत्ता से बेदखल करने के लिए हम पीएम का त्याग कर सकते हैं। इस बयान के बाद सियासी पारा बढ़ते ही वह अपने बयान से पलट गये थे। माना जा रहा है कि बीजेपी को बहुमत न मिलने की स्थिति में कांग्रेस किसी अन्य विपक्षी नेता के नाम पर भी पीएम के लिए सहमति जता सकती है। माना जा रहा है कि केंद्र में कर्नाटक मॉडल पर सरकार बनाने की जुगत शुरू हो सकती है। इस बीच जेडीएस के मुखिया एचडी देवेगौड़ा ने कांग्रेस के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वे कांग्रेस को समर्थन के लिए तैयार हैं। ऐसे में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नतीजों के दौरान अपनी सरकार नहीं बनते देख कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद एच डी कुमारस्वामी राज्य के सीएम बने थे। वहीं अब चुनाव नतीजों के आने से पहले कांग्रेस चाहती है कि सभी गैर—एनडीए नेता पहले एक बैठक करें। हालांकि माया और अखिलेश अभी इसको लेकर परहेज किया है। वहीं चन्द्र बाबू नायडू माया और अखिलेश से मिलने के तैयारी कर ली है। बताया जा रहा है कि वह माया और अखिलेश को दिल्ली में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए मनाने का प्रयास करेंगे। चर्चा यह भी है कि गुलाम नबी आजाद के बयान के बाद से नायडू और बसपा सुप्रीमो मायावती भी खुद को पीएम की रेस में शामिल कर लिया है।