तांत्रिक चन्द्रास्वामी का निधन

नई दिल्ली। देश के जाने माने तांत्रिक चन्द्रास्वामी का मंलगवार को निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे और लंबे समय से डायलसिस पर थे। चन्द्रास्वामी दिवंगत प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान सियासी सुर्खियों में रहे। इससे पहले उनका नाम प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के समय विवादों में रहा था।




राजस्थान के जैन परिवार में जन्मे चन्द्रास्वामी ने छोटी उम्र में ही हैदराबाद का रुख कर लिया था। मां काली की उपासना और तांत्रिक साधना सीखने के बाद चन्द्रास्वामी ने देश की राजनीति को प्रभावित किया। इस दौरान उन पर हवाला कारोबार से लेकर दलाली तक के आरोप लगे।

चन्द्रास्वामी का नाम उस समय सुर्खियों में आया जब देश के सबसे लोकप्रीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई। देश की सियासत को बदल देने वाली इस घटना के पीछे चन्द्रास्वामी का हाथ होने की जांच केन्द्रीय एजेन्सियों के हाथ रही। ऐसा कहा जाता रहा कि इस हत्या का षड्यंत्र रचने में चन्द्रास्वामी की भूमिका संदिग्ध थी उन पर षड्यंत्रकर्ताओं को आर्थिक मदद पहुंचाने का आरोप लगा था। जिसके बाद चन्द्रास्वामी के विदेश यात्राओं पर जाने पर रोक लगा दी गई थी।




करीब एक दशक तक सियासी सुर्खियों में रहने वाले चन्द्रास्वामी का नाम इंग्लैड की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गेट थ्रैचर से कई अंतर्राष्ट्रीय हस्यिों से जुड़ा। ऐसा कहा जाता है कि चन्द्रास्वामी ने थ्रैचर के प्रधानमंत्री बनने को लेकर भविष्यवाणी की थी। इसके अलावा चन्द्रास्वामी का नाम माफिया डॉन दाउद इब्राहिम से भी जुड़ा। तो वहीं उनके आश्रम पर हुई आयकर विभाग की छापेमारी में आर्म डीलर अदनान खागोशी से जुड़े 77 करोड़ के लेनदेन के दस्तावेज मिलने के बाद उन पर हवाला और आर्मस सौदों में दलाली के आरोप भी लगे।