1. हिन्दी समाचार
  2. Chandrayaan-2: ISRO ने चंद्रयान-2 को धरती की दूसरी कक्षा में सफलतापूर्वक स्‍थापित कराया

Chandrayaan-2: ISRO ने चंद्रयान-2 को धरती की दूसरी कक्षा में सफलतापूर्वक स्‍थापित कराया

Chandrayaan 2 Isro Moon Mission Second Orbit Scientists Shriharikota Rocket Satellite Space Technology

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। देश के दूसरे चंद्रमिशन चंद्रयान-2 का पृथ्वी की कक्षा में शानदार प्रदर्शन चल रहा है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने बताया कि गुरुवार आधी रात 01:08 बजे चंद्रयान ने धक्का देने वाले प्रणोदन प्रणाली के जरिए दूसरी कक्षा में उछाल भरी है और 251 गुणा 54,829 किमी की ऊंचाई हासिल कर ली है।

पढ़ें :- आलू की कीमतें कम करने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम, जानिए

इसरो ने बताया कि अंतरिक्ष यान के सभी पैरामीटर सामान्य हैं। 29 जुलाई को दोपहर 2:30 से 3:30 बजे के बीच चंद्रयान-2 तीसरी कक्षा में प्रवेश करेगा। इसरो के मुताबिक चंद्रयान-2 की बड़ी गतिविधियों में धरती से जुड़ी उछाल, चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश, चंद्रमा की कक्षा में उछाल, विक्रम का अलग होना और विक्रम का चांद की सतह को छूना शामिल हैं।

मिशन के तय कार्यक्रम के मुताबिक, लैंडर विक्रम चांद की सतह पर आहिस्ता-आहिस्ता उतरेगा और रोवर प्रज्ञान चांद की सतह की पड़ताल करेगा। चांद की कक्षा में प्रवेश 14 अगस्त को होना है। सात सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव के उस हिस्से पर उतरेगा, जहां आज तक किसी देश का मिशन नहीं गया है। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश होगा।

7 सितंबर को चांद पर होगी यान की लैंडिंग

यान को चांद के नजदीक ले जाने के लिए अगले सप्ताहों में कई सिलसिलेवार ‘कक्षीय उत्थापन’ अभियानों को अंजाम दिया जाएगा और 7 सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में रोवर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराई जाएगी, जहां अब तक कोई देश नहीं पहुंचा है। यदि सब कुछ सही रहता है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला चौथा देश बन जाएगा।

पढ़ें :- कोरोना संकट में यूपी को मिले 45000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, देश विदेश की कंपनियां शामिल

विक्रम की लैंडिंग को होगा सीधा प्रसारण

चंद्रयान-2 के चांद पर उतरने की ऐतिहासिक घटना का नैशनल जियॉग्रफिक नेटवर्क इसरो परिसर से सीधा प्रसारण करेगा। चंद्रयान के लैंडर ‘विक्रम’ के आगामी 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने की उम्मीद है। लैंडर के उतरने के बाद इसके अंदर से ‘प्रज्ञान’ नाम का रोवर बाहर निकलेगा, जो कृत्रिम बुद्धिमता से संचालित छह पहिया वाहन है। भारत ने सोमवार को ‘चंद्रयान-2’ का सफल प्रक्षेपण किया था, जो अपने साथ एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर लेकर गया है। नैशनल जियॉग्रफिक नेटवर्क ने कहा कि ‘चंद्रयान-2’ के चांद पर उतरने की ऐतिहासिक और रोमांचकारी घटना का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...