चार दिन में गिराई जाए गायत्री की अवैध बिल्डिंग : हाईकोर्ट

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरूवार को यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति को तगड़ा झटका देते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि प्रजापति की अवैध बिल्डिंग को चार दिनों के भीतर जमींदोज कर दिया जाए। इससे पहले हाईकोर्ट ने बुधवार को इस बिल्डिंग पर होने वाली कार्रवाई पर रोकलगा दी थी।



Char Din Me Girayi Jaye Gayatri Ki Awiadh Buliding High Court :

मिली जानकारी के मुताबिक गायत्री प्रजापति ने लखनऊ के बंगला बाजार इलाके में करोड़ों की कीमत वाली सरकारी जमीन को कब्जा कर उसपर शॉपिंग कॉम्पलेक्स खड़ा कर दिया था। जिसे एलडीए की ओर अप्रैल में चिन्हित किया गया था। एलडीए ने इस अवैध निर्माण को गिराने से पहले 15 दिनों का नोटिस जारी किया था।



हाईकोर्ट ने इस मामले में एलडीए को कार्रवाई का निर्देश देने के अलावा फटकार लगाते हुए पूछा है कि जब सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा था तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अाखिर ऐसी क्या वजह रही कि इस निर्माण को गिराने के लिए एलडीए इतने लंबे समय तक इंतजार करता रहा। अदालत ने एलडीए को अपना पक्ष रखने के लिए 19 जून तक का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी।




आपको बता दें कि अखिलेश यादव सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति ने अपने कार्यकाल के दौरान लखनऊ में हजारों करोड़ की संपत्ति जोड़ी है। लेकिन यूपी में सत्ता परिवर्तन होती ही गायत्री के बुरे दिन शुरू हो गए। आज गायत्री स्वयं गैंगरेप में मामले में जेल की हवा खा रहे हैं, तो उनके दूसरी ओर उनके तमाम काले कारनामे एक के बाद एक कर ​सामने आते जा रहे हैं।

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरूवार को यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति को तगड़ा झटका देते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि प्रजापति की अवैध बिल्डिंग को चार दिनों के भीतर जमींदोज कर दिया जाए। इससे पहले हाईकोर्ट ने बुधवार को इस बिल्डिंग पर होने वाली कार्रवाई पर रोकलगा दी थी। मिली जानकारी के मुताबिक गायत्री प्रजापति ने लखनऊ के बंगला बाजार इलाके में करोड़ों की कीमत वाली सरकारी जमीन को कब्जा कर उसपर शॉपिंग कॉम्पलेक्स खड़ा कर दिया था। जिसे एलडीए की ओर अप्रैल में चिन्हित किया गया था। एलडीए ने इस अवैध निर्माण को गिराने से पहले 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में एलडीए को कार्रवाई का निर्देश देने के अलावा फटकार लगाते हुए पूछा है कि जब सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा था तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अाखिर ऐसी क्या वजह रही कि इस निर्माण को गिराने के लिए एलडीए इतने लंबे समय तक इंतजार करता रहा। अदालत ने एलडीए को अपना पक्ष रखने के लिए 19 जून तक का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी। आपको बता दें कि अखिलेश यादव सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति ने अपने कार्यकाल के दौरान लखनऊ में हजारों करोड़ की संपत्ति जोड़ी है। लेकिन यूपी में सत्ता परिवर्तन होती ही गायत्री के बुरे दिन शुरू हो गए। आज गायत्री स्वयं गैंगरेप में मामले में जेल की हवा खा रहे हैं, तो उनके दूसरी ओर उनके तमाम काले कारनामे एक के बाद एक कर ​सामने आते जा रहे हैं।