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Chardham Yatra 2021: बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को होंगे बंद, जानें अन्य मंदिर के कब बंद होंगे कपाट

Chardham Yatra 2021: उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड (Uttarakhand Chardham Devasthanam Management Board) विजयदशमी (vijayadashmi) के पावन अवसर पर चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद के लिए तिथियों का ऐलान कर दिया है। बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि चारधाम यात्रा 2021 (Chardham Yatra 2021)  के लिए अब कम समय बचा है।

By संतोष सिंह 
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Chardham Yatra 2021: उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड (Uttarakhand Chardham Devasthanam Management Board) विजयदशमी (vijayadashmi) के पावन अवसर पर चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद के लिए तिथियों का ऐलान कर दिया है। बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि चारधाम यात्रा 2021 (Chardham Yatra 2021)  के लिए अब कम समय बचा है। उन्होंने बताया कि अगले माह चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 20 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि केदारनाथ (Kedarnath)  व यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham)  के कपाट छह नवंबर को भैया दूज के दिन बंद होंगे। वहीं, गंगोत्री धाम (Gangotri Dham)  के कपाट पांच नवंबर को गोवर्धन पूजा के दिन बंद होंगे।

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डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट आगामी 20 नवंबर को शाम 6:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूठ के पावन पर्व पर पांच नवंबर को सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर बंद होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर छह नवंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में गंगा मां की भोग मूर्ति के दर्शन उनके मायके ग्राम मुखबा और मां यमुना के दर्शन खरशाली स्थित उनके शीतकालीन मंदिरों में होंगे।

तुंगनाथ के कपाट 30 अक्टूबर व मद्महेश्व के कपाट 22 नवंबर को होंगें बंद

द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर (Kedar Lord Madmaheshwar) के कपाट शीतकाल के लिए 22 नवंबर को प्रात: साढे आठ बजे वृश्चिक लग्न में बंद हो जाएगे। जबकि डोली आगमन पर मद्महेश्वर मेला 25 नवंबर को आयोजित होगा। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शनिवार 30 अक्टूबर को दोपहर एक बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।

 

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17 अक्तूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट

मध्य हिमालय में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान रुद्रनाथ (Lord Rudranath) के कपाट 17 अक्तूबर को कार्तिक संक्रांति के पावन पर्व पर ब्रह्ममुहूर्त में अभिषेक पूजा के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (Badrinath-Kedarnath Temple Committee) के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, रुद्रनाथ के पुजारी धर्मेंद्र तिवाड़ी, गोपीनाथ-रुद्रनाथ मंदिर के प्रबंधक आशुतोष भट्ट और हक-हकूकधारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि उसी दिन भगवान की उत्सव डोली पनार बुग्याल और सगर गांव से होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर (Gopinath Temple) में विराजमान हो जाएगी।

अब तक सवा लाख यात्रियों ने किए चारधामों के दर्शन

त्योहारी सीजन में विश्व प्रसिद्ध चारधामों के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रियों की तादाद लगातार बढ़ रही है। अब तक सवा लाख यात्रियों ने बदरीनाथ(Badrinath), केदारनाथ(Kedarnath) , गंगोत्री(Gangotri), यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) के दर्शन किए हैं। बाबा केदार के दर्शन के लिए 8354 यात्री हेली सेवा से पहुंचे हैं।

प्रदेश में अगले महीने चारधामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने से यात्रा भी स्थगित हो जाएगी। यात्रा के अंतिम दिनों में दरीनाथ(Badrinath), केदारनाथ(Kedarnath) , गंगोत्री(Gangotri), यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) में दर्शनों के लिए तीर्थ यात्रियों की तादाद बढ़ रही है। उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड (Uttarakhand Chardham Devasthanam Management Board)  के मुताबिक गुरुवार को चारधामों में 7823 यात्रियों ने दर्शन किए। अब तक चारधामों में 1,14,195 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं।

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उत्तराखंड  देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड (Uttarakhand Chardham Devasthanam Management Board)  के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि 18 सितंबर से चारधाम यात्रा 2021 (Chardham Yatra 2021) शुरू हुई थी। अब तक चारधामों में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख पार हो चुकी है। ई-पास की व्यवस्था समाप्त होने से चारधाम यात्रा 2021 (Chardham Yatra 2021)  में आने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

चारधाम यात्रा 2021 (Chardham Yatra 2021)  पर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बस टर्मिनल ऋषिकेश में नि:शुल्क कोविड जांच केंद्र स्थापित किया गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चारधाम यात्रा 2021 (Chardham Yatra 2021)  में नियमों का पालन करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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