नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ छठ पर्व, आज के दिन इन बातों का रखें ध्यान

नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ छठ पर्व, आज के दिन इन बातों का रखें ध्यान
नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ छठ पर्व, आज के दिन इन बातों का रखें ध्यान

लखनऊ। चार दिनों तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ आज से शुरू हो गया है। कार्तिक महीने में भगवान सूर्य की पूजा की विशेष परंपरा है, शुक्ल पक्ष में षष्ठी तिथि को छठ पूजा का विशेष विधान है। मुख्य रूप से इस पूजा की शुरूआत बिहार और झारखंड से हुई है हालांकि अब यह देश-विदेश तक फ़ैल चुका है।

Chhath Puja 2019 :

बता दें कि षष्ठी तिथि का सम्बन्ध संतान की आयु से होता है। इस दिन सूर्य देव और षष्ठी की पूजा करने से संतान प्राप्ति और और उसकी आयु रक्षा के लिए वरदान मिलता है। चलिए जानते हैं पहले दिन यानि नहाय-खाय पर किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

आज नहाय-खाय में क्या करें?

  • सुबह स्नान कर नई साड़ी या अन्य वस्त्र पहनें।
  • महिलाएं माथे पर सिंदूर लगाकर साफ सफाई करें।
  • छठ के प्रसाद और पकवान के लिए मिट्टी लेपकर चूल्हा बनाएं या गैस चूल्हे को साफ करें।
  • कठिन व्रत की शुरुआत में आज आखिरी बार नमक खाएं।
  • चावल भात बनेगा और सेंधा नमक से कद्दू यानी लौकी की सब्जी बनेगी।
  • घर के सभी लोग यही भोजन करेंगे।
  • छठ का मुख्य प्रसाद ठेकुआ बनाया जाएगा।
  • आज के दिन ही छठ पूजा का सामान जैसे टोकरी, लोटा, फल, मिठाई, नरियल, गन्ना, सब्जी इकठ्ठा करें।
लखनऊ। चार दिनों तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ आज से शुरू हो गया है। कार्तिक महीने में भगवान सूर्य की पूजा की विशेष परंपरा है, शुक्ल पक्ष में षष्ठी तिथि को छठ पूजा का विशेष विधान है। मुख्य रूप से इस पूजा की शुरूआत बिहार और झारखंड से हुई है हालांकि अब यह देश-विदेश तक फ़ैल चुका है। बता दें कि षष्ठी तिथि का सम्बन्ध संतान की आयु से होता है। इस दिन सूर्य देव और षष्ठी की पूजा करने से संतान प्राप्ति और और उसकी आयु रक्षा के लिए वरदान मिलता है। चलिए जानते हैं पहले दिन यानि नहाय-खाय पर किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। आज नहाय-खाय में क्या करें?
  • सुबह स्नान कर नई साड़ी या अन्य वस्त्र पहनें।
  • महिलाएं माथे पर सिंदूर लगाकर साफ सफाई करें।
  • छठ के प्रसाद और पकवान के लिए मिट्टी लेपकर चूल्हा बनाएं या गैस चूल्हे को साफ करें।
  • कठिन व्रत की शुरुआत में आज आखिरी बार नमक खाएं।
  • चावल भात बनेगा और सेंधा नमक से कद्दू यानी लौकी की सब्जी बनेगी।
  • घर के सभी लोग यही भोजन करेंगे।
  • छठ का मुख्य प्रसाद ठेकुआ बनाया जाएगा।
  • आज के दिन ही छठ पूजा का सामान जैसे टोकरी, लोटा, फल, मिठाई, नरियल, गन्ना, सब्जी इकठ्ठा करें।