चिदंबरम ने नागरिकता संशोधन बिल को बताया असंवैधानिक, कहा- अब लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में होगी

P. Chidambaram
पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी चिदंबरम बोले- राहत पैकेज पर पुनर्विचार करे मोदी सरकार

नयी दिल्ली। नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि इस ‘असंवैधानिक’ विधेयक पर लड़ाई उच्चतम न्यायालय में लड़ी जाएगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक असंवैधानिक है। संसद ने उस विधेयक को पारित किया जो असंवैधानिक है और अब लड़ाई उच्चतम न्यायालय में होगी।

Chidambaram Told The Citizenship Amendment Bill Unconstitutional Said Now The Fight Will Be In The Supreme Court :

पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि निर्वाचित सांसद अपनी जिम्मेदारी को वकीलों और न्यायधीशों के ऊपर डाल रहे हैं। गौरतलब है कि लोकसभा ने सोमवार रात नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को नागरिकता (संशोधन) विधेयक को असंवैधानिक बताया और कहा कि संसद में पारित होने के साथ युद्ध का मैदान अब उच्चतम न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि चुने गए विधायक वकीलों और न्यायाधीशों के पक्ष में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे थे।

जानकारी के लिए बता दें कि प्रस्तावित कानून के अनुसार, हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के सदस्य जो 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए थे और वहां उन लोगों द्वारा देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना किया उन्हें अवैध आप्रवासि, घुसपैठिए नहीं माना जाएगा। इस विधेयक को 311 सदस्यों के साथ लोकसभा में पारित किया गया था।

इसके पक्ष में 80 लोगों ने मतदान किया और गरमागरम बहस के बाद इसे पारित कर दिया गया। 80 सदस्यों ने इस बिल के विरोध में वोट किया और सीएबी को असंवैधानिक बताया। वहीं, चिदंबरम ने कहा कि संसद एक विधेयक पारित करती है जो वर्तमान में असंवैधानिक है और लड़ाई का मैदान सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएगा।

पी चिदंबरम ने एक ट्वीट में कहा कि निर्वाचित सांसद वकीलों और न्यायाधीशों के पक्ष में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे हैं! हम एक पार्टी को बहुमत देने के लिए ये कीमत अदा कर रहे हैं। वह राज्यों और लोगों की इच्छाओं को रौंदने का काम कर रही है। असम में आज नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ आज छात्र संगठनों ने 12 घंटे का बंद बुलाया गया है। गुवाहाटी में आज दुकानें बंद कर दी गई हैं।

नयी दिल्ली। नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि इस 'असंवैधानिक' विधेयक पर लड़ाई उच्चतम न्यायालय में लड़ी जाएगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक असंवैधानिक है। संसद ने उस विधेयक को पारित किया जो असंवैधानिक है और अब लड़ाई उच्चतम न्यायालय में होगी। पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि निर्वाचित सांसद अपनी जिम्मेदारी को वकीलों और न्यायधीशों के ऊपर डाल रहे हैं। गौरतलब है कि लोकसभा ने सोमवार रात नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को नागरिकता (संशोधन) विधेयक को असंवैधानिक बताया और कहा कि संसद में पारित होने के साथ युद्ध का मैदान अब उच्चतम न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि चुने गए विधायक वकीलों और न्यायाधीशों के पक्ष में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे थे। जानकारी के लिए बता दें कि प्रस्तावित कानून के अनुसार, हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के सदस्य जो 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए थे और वहां उन लोगों द्वारा देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना किया उन्हें अवैध आप्रवासि, घुसपैठिए नहीं माना जाएगा। इस विधेयक को 311 सदस्यों के साथ लोकसभा में पारित किया गया था। इसके पक्ष में 80 लोगों ने मतदान किया और गरमागरम बहस के बाद इसे पारित कर दिया गया। 80 सदस्यों ने इस बिल के विरोध में वोट किया और सीएबी को असंवैधानिक बताया। वहीं, चिदंबरम ने कहा कि संसद एक विधेयक पारित करती है जो वर्तमान में असंवैधानिक है और लड़ाई का मैदान सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएगा। पी चिदंबरम ने एक ट्वीट में कहा कि निर्वाचित सांसद वकीलों और न्यायाधीशों के पक्ष में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे हैं! हम एक पार्टी को बहुमत देने के लिए ये कीमत अदा कर रहे हैं। वह राज्यों और लोगों की इच्छाओं को रौंदने का काम कर रही है। असम में आज नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ आज छात्र संगठनों ने 12 घंटे का बंद बुलाया गया है। गुवाहाटी में आज दुकानें बंद कर दी गई हैं।