अयोध्या रामायण म्यूजियम के लिए योगी देंगे 25 एकड़ जमीन

लखनऊ। यूपी में प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली है। अब सत्तारूढ बीजेपी सरकार की तरफ से एक नया एलान देखने को मिला है जिसमे कहा गया है कि सरकार की ओर से रामायण म्यूजियम के लिए जमीन दिया जाएगा। इसके लिए 25 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। अयोध्या में बनने वाले इस म्यूजियम के निर्माण भी जल्दी ही शुरू किया जाएगा। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर यूपी के नए सीएम आदित्यनाथ ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।



Chief Minsiter Uttar Pradesh Yogi Adityanath Will Give 25 Acre Land Ramayan Museum :

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2007 में की गई थी। उस वक्त यूपी में मायावती की सरकार थी। साल 2009 में लोकसभा चुनाव की वजह से इसमें तेजी आई और 27 एकड़ जमीन चिन्हित की गई। बाद में यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जून 2015 में केंद्र सरकार ने अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर अयोध्या में रामायण संग्रहालय बनाने की घोषणा की, लेकिन इसे लेकर कोई ठोस काम नहीं हो पाया था।



वहीं आज इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी कर मामले में नया मोड़ ला दिया है। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजीआई) ने कहा है कि दोनों पक्ष इस मामले को कोर्ट के बाहर सुलझा लें तो ठीक रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह धर्म और आस्था से जुड़ा मामला है इसलिए इसको कोर्ट के बाहर सुलझा लेना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल नहीं होती है तो फिर सुप्रीम कोर्ट दखल देगा। इसके लिए एक सुलह करवाने वाला व्यक्ति नियुक्त करने की भी बात कही जा रही है।

 

लखनऊ। यूपी में प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली है। अब सत्तारूढ बीजेपी सरकार की तरफ से एक नया एलान देखने को मिला है जिसमे कहा गया है कि सरकार की ओर से रामायण म्यूजियम के लिए जमीन दिया जाएगा। इसके लिए 25 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। अयोध्या में बनने वाले इस म्यूजियम के निर्माण भी जल्दी ही शुरू किया जाएगा। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर यूपी के नए सीएम आदित्यनाथ ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2007 में की गई थी। उस वक्त यूपी में मायावती की सरकार थी। साल 2009 में लोकसभा चुनाव की वजह से इसमें तेजी आई और 27 एकड़ जमीन चिन्हित की गई। बाद में यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जून 2015 में केंद्र सरकार ने अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर अयोध्या में रामायण संग्रहालय बनाने की घोषणा की, लेकिन इसे लेकर कोई ठोस काम नहीं हो पाया था। वहीं आज इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी कर मामले में नया मोड़ ला दिया है। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजीआई) ने कहा है कि दोनों पक्ष इस मामले को कोर्ट के बाहर सुलझा लें तो ठीक रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह धर्म और आस्था से जुड़ा मामला है इसलिए इसको कोर्ट के बाहर सुलझा लेना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल नहीं होती है तो फिर सुप्रीम कोर्ट दखल देगा। इसके लिए एक सुलह करवाने वाला व्यक्ति नियुक्त करने की भी बात कही जा रही है।