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बच्चे ठिठुरने को मजबूर, कहीं हो रहा माननीयों का इंतजार, कहीं अभी तक नही हुई स्वेटरों की आपूर्ति

Children Forced To Chuckle Waiting For Honorable Ones Somewhere Supply Of Sweaters Has Not Happened Yet

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हर वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ठंडक में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को स्वेटर, जूते और मौजे वितरण किये जाते है। लेकिन इस साल कड़ाके की ठंड से बच्चे ठिठुर रहे हैं फिर भी अभी तक पूरे प्रदेश के स्कूलों में इनकी आपूर्ति नही हो सकी है। वहीं कुछ ऐसी जगहे भी हैं जहां आपूर्ति होने के बाद भी माननीयों का इंतजार किया जा रहा है कि कब उनके पास समय हो और वो आकर बच्चों को स्वेटर वितरित करें। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जेम पोर्टल की वजह से स्वेटर वितरण में देरी हुई है।

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सरकार के आदेश की अनदेखी

जब सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग को एक से आठ तक के बच्चों को निशुल्क स्वेटर, जूते और मोजे वितरित किए जाने को लेकर ठंडक से पहले यानी अक्टूबर तक वितरण करने का आदेश जारी किया जाता है तो फिर अधिकारी इतनी हीला हवाली क्यों करते हैं। नवंबर में ही हल्की ठंड शुरू हो गई थी और अब तो कोहरे और बारिश ने भी दस्तक दे दी है, जहां जहां स्वेटर की आपूर्ति नही हो पायी वहां लगातार बच्चे ठंडक से कांप रहे हैं।

माननीय नही पंहुचे तो स्वेटर वितरण नही

अबकी बार देखा जा रहा है कि प्रदेश में ज्यादातर जिलों में विधायक और सांसदो से स्वेटर वितरण का शुभारंभ करवाया जा रहा है और उसकी फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डाली जा रही है। लेकिन कहीं कहीं ऐसा भी हुआ है कि स्वेटरों की आपूर्ति के बाद भी माननीयों के इंतजार के चक्कर में स्वेटर वितरित नही किये गये। बाराबंकी के सूरतगंज ब्लॉक के बीईओ कार्यालय में बीते सोमवार को ही स्वेटर आ गये थे लेकिन गुरूवार तक इसलिए नही बांटे गये क्योंकि स्थानीय विधायक शरद अवस्थी के पास समय नही था।

जरूरत ज्यादा की, पंहुचे कम

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आपको बता दें कि दिसंबर का भी आधा माह बीतने को है इसके बावजूद स्वेटर की आपूर्ति में इतनी देरी की जा रही है, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आ​फिस की तरफ से हाल ही में एक ट्वीट कर जानकारी दी गयी थी कि ‘हमारी सरकार में बेसिक शिक्षा परिषद के 1 करोड़ 80 लाख बच्चों को 2 यूनिफार्म, जूते-मोजे, पुस्तकें, बैग और स्वेटर देने की कार्रवाई हो रही है। लेकिन कहीं कहीं ऐसा देखने को मिल रहा है कि जितनी जरूरत है उसके मुकाबले अभी तक बहुत कम स्वेटर भेजे गये हैं। बाराबंकी से मिली जानकारी के मुताबिक यहां 3.42 लाख के मुकाबले गुरूवार तक महज 1.30 लाख ही स्वेटर भेजे गये हैं। अब सोचने वाली बात है कि इस कड़ाके की ठंड में अभी तक पूरी आपूर्ति नही हो सकी तो बांटे कब जायेंगे।

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