1. हिन्दी समाचार
  2. पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चार जिलो के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को की जाएगी खादी ड्रेस आपूर्ति: .डा0 नवनीत सहगल

पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चार जिलो के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को की जाएगी खादी ड्रेस आपूर्ति: .डा0 नवनीत सहगल

By आशीष यादव 
Updated Date

Children Of Primary Schools Of Four Districts Will Be Provided Khadi Dress Supply Says Navneet Sehgal

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डा0 नवनीत सहगल ने कहा है कि वर्तमान बदलते परिवेश तथा लोगों की परिवर्तनशील रूचि के फलस्वरूप आज फैशन टेक्नालाजी का महत्व बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि निफ्ट जैसी संस्थाएं लोगों की मांग के अनुरूप डिजाइन को आधुनिक रूप में विकसित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खादी परिधानों में नई डिजाइन को विकसित करने के लिए डिजाइन इंस्टीट्यूट की स्थापना पर विशेष बल दिया जा रहा है।

पढ़ें :- 21 जून लॉन्च होने से पहले सैमसंग गैलेक्सी M32 का स्पेसिफिकेशंस गूगल प्ले कंसोल पर नज़र आया

वो शुक्रवार को नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नालाजी रायबरेली में प्रगतिशील खादी पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। जहां उन्होंने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी वस्त्रों में डिजाइन को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने निफ्ट से अपेक्षा की कि वे प्रशिणार्थियों से निरंतर बदलते फैशन के अनुरूप डिजाइनों को विकसित करने का प्रशिक्षण दे। उन्होंने कहा कि निफ्ट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षणार्थियों को खादी संस्थाओं से जोड़ा जाय।

प्रमुख सचिव ने कहा कि खादी वस्त्रों के उत्पादन के साथ ही पैकेजिंग और मार्केटिंग की भी उत्कृष्ट व्यवस्था करने की जरूरत है। इस कार्य में खादी संस्थाओं के मार्गदर्शन में सरकार निफ्ट का सहयोग प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि निजी उद्यमियों को भी खादी संस्थाओं के साथ जोड़ने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। पीपीपी माडल के आधार पर खादी उत्पादों के विपणन के लिए शोरूम स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।

प्रमुख सचिव ने इस अवसर पर अवगत कराया कि राज्य सरकार में पहली बार पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के चार जिलों.लखनऊ, सीतापुर, बहराइच तथा मिर्जापुर में प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को खादी ड्रेस आपूर्ति करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में खादी संस्थाओं को समय से आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजाइन के बारे में नई टेक्नालाजी से परिचित कराने के लिए कारीगरों को प्रशिक्षण देने के साथ ही समय-समय पर प्रदर्शनी भी लगाई जाती है। इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री राम गोपाल एवं डा0 सहगल द्वारा परिसर में लगी खादी परिधानों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।

पढ़ें :- भारत में लॉन्च हुई रेंज रोवर वेलार जिसकी मूल्य 79.87 लाख रुपये से शुरू हुई है

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
X