बच्चों के पैंट में छेद वाली वायरल फोटो की खास बात, जानें क्यों होता है ऐसा

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बच्चों के पैंट में छेद वाली वायरल फोटो की खास बात , जानें क्यों होता है ऐसा

नई दिल्ली। एक देश ऐसा भी है जहां छोटे बच्चों की पैंट में छेद कर दिया जाता है जिसकी फोटो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इसे देश लोग हैरान भी हो रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है। दरअसल बच्चो को चलने-फिरने में या उठने-बैठने में दिक्कत ना हो इसलिए यहाँ उनकी पैंट में छेद कर दिया जाता है। चीन में अकसर बच्चों के पैंट के पिछले हिस्से में बड़े छेंद देखने को मिलते हैं। इस तरह के ड्रेस को काइ डांक डू के नाम से जाना जाता है।

Children Wear Worn Pant In China :

ये यहां का एक पारंपरिक पोशाक है जिसे यहां के लोग अपने बच्चे को इा लिए पहनाते है ताकि वो आराम से बिना कि मुश्किल के चलफिर सकें और उन्हें खेलने के दौरान कोई परेशानी न हों। ये एक खास तरह का पैंट होता है जिसके पिछले हिस्से में एक बड़ा छेद होता है हालांकि यहां के लोगों में इसका चलन अभी कम हो गया है लेकिन बिल्कूल पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे पैंट को पहनने से बच्चों को शौच के समय आसानी रहती है। हालांकि बाहर से जो लोग आते है उन्हें ये थोड़ा अजीब सा लगता है। लोग समझ नहीं पाते है कि आखिर यहां के लोग अपने बच्चों को ऐसा बेहूदा पोशाक क्यों पहनाते है जिसमें कि वो खुद को असहज महसूस करें। लेकिन यहां के लोग अभी भी इस परंपरा का ालन करते है और मानते है कि ये ड्रेस उनके बच्चों के लिए अच्छा और आरामदायक है।

नई दिल्ली। एक देश ऐसा भी है जहां छोटे बच्चों की पैंट में छेद कर दिया जाता है जिसकी फोटो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इसे देश लोग हैरान भी हो रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है। दरअसल बच्चो को चलने-फिरने में या उठने-बैठने में दिक्कत ना हो इसलिए यहाँ उनकी पैंट में छेद कर दिया जाता है। चीन में अकसर बच्चों के पैंट के पिछले हिस्से में बड़े छेंद देखने को मिलते हैं। इस तरह के ड्रेस को काइ डांक डू के नाम से जाना जाता है।ये यहां का एक पारंपरिक पोशाक है जिसे यहां के लोग अपने बच्चे को इा लिए पहनाते है ताकि वो आराम से बिना कि मुश्किल के चलफिर सकें और उन्हें खेलने के दौरान कोई परेशानी न हों। ये एक खास तरह का पैंट होता है जिसके पिछले हिस्से में एक बड़ा छेद होता है हालांकि यहां के लोगों में इसका चलन अभी कम हो गया है लेकिन बिल्कूल पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे पैंट को पहनने से बच्चों को शौच के समय आसानी रहती है। हालांकि बाहर से जो लोग आते है उन्हें ये थोड़ा अजीब सा लगता है। लोग समझ नहीं पाते है कि आखिर यहां के लोग अपने बच्चों को ऐसा बेहूदा पोशाक क्यों पहनाते है जिसमें कि वो खुद को असहज महसूस करें। लेकिन यहां के लोग अभी भी इस परंपरा का ालन करते है और मानते है कि ये ड्रेस उनके बच्चों के लिए अच्छा और आरामदायक है।