चीन ने ढहाए चर्च, ईसाइयों के पास नहीं बचे गिरजाघर

चीन ने ढहाए चर्च, ईसाइयों के पास नहीं बचे गिरजाघर
चीन ने ढहाए चर्च, ईसाइयों के पास नहीं बचे गिरजाघर

नई दिल्ली। चीन की सरकार बीजिंग और दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले ईसाईयों के प्राचीन इलाकों को ढहाने का अभियान तेज कर दिया है। इसकी वजह हेनान प्रांत में रोमन कैथोलिक समुदाय के पास प्रार्थना करने के लिए कोई जगह नहीं बची है। सरकार ईसाईयों के क्रॉस को नष्ट कर रही है, बाइबिल जला रही है, चर्च बंद कर रही है और उसके अनुनायियों से अपनी आस्था को त्यागने वाले कागजात पर हस्ताक्षर करने का आदेश दे रही है।

China Bulldozing Churches And Replacing Holy Imagery With Communist In Religious Crackdown :

यह कहना है पादरियों और चीन के धर्म पर नजर रखने वाले समूह का।सरकार ईसाईयों के क्रॉस को नष्ट कर रही है, बाइबिल जला रही है, चर्च बंद कर रही है और उसके अनुनायियों से अपनी आस्था को त्यागने वाले कागजात पर हस्ताक्षर करने का आदेश दे रही है। यह कहना है पादरियों और चीन के धर्म पर नजर रखने वाले समूह का।

सन 1951 में वेटिकन और बीजिंग के आपसी संबंध कटु हो गए थे हालांकि अब उनमें सुधार आया है और बीजिंग के बिशप की नियुक्ति के अधिकार को लेकर जारी विवाद अब कुछ सुलझता दिख रहा है। इस विवाद के चलते चीन के करीब 1,20,00,000 कैथोलिक दो समूहों में बंट गए हैं। एक समूह जो सरकार द्वारा मंजूर धर्माधिकारी को मानता है और दूसरा वह जो रोम समर्थक चर्च के स्वीकृत नियमों को मानता है।

चर्च के शीर्ष पर से क्रॉस हटा लिए गए हैं, मुद्रित धार्मिक सामग्रियों और पवित्र चीजों को जब्त कर लिया गया है और चर्च द्वारा चलाए जाने वाले केजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। चर्च से राष्ट्रीय झंडा फहराने और संविधान को प्रदर्शित करने को कहा गया है जबकि सार्वजनिक स्थानों से धार्मिक प्रतिमाओं को हटाने को कहा गया है।

नई दिल्ली। चीन की सरकार बीजिंग और दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले ईसाईयों के प्राचीन इलाकों को ढहाने का अभियान तेज कर दिया है। इसकी वजह हेनान प्रांत में रोमन कैथोलिक समुदाय के पास प्रार्थना करने के लिए कोई जगह नहीं बची है। सरकार ईसाईयों के क्रॉस को नष्ट कर रही है, बाइबिल जला रही है, चर्च बंद कर रही है और उसके अनुनायियों से अपनी आस्था को त्यागने वाले कागजात पर हस्ताक्षर करने का आदेश दे रही है।यह कहना है पादरियों और चीन के धर्म पर नजर रखने वाले समूह का।सरकार ईसाईयों के क्रॉस को नष्ट कर रही है, बाइबिल जला रही है, चर्च बंद कर रही है और उसके अनुनायियों से अपनी आस्था को त्यागने वाले कागजात पर हस्ताक्षर करने का आदेश दे रही है। यह कहना है पादरियों और चीन के धर्म पर नजर रखने वाले समूह का।सन 1951 में वेटिकन और बीजिंग के आपसी संबंध कटु हो गए थे हालांकि अब उनमें सुधार आया है और बीजिंग के बिशप की नियुक्ति के अधिकार को लेकर जारी विवाद अब कुछ सुलझता दिख रहा है। इस विवाद के चलते चीन के करीब 1,20,00,000 कैथोलिक दो समूहों में बंट गए हैं। एक समूह जो सरकार द्वारा मंजूर धर्माधिकारी को मानता है और दूसरा वह जो रोम समर्थक चर्च के स्वीकृत नियमों को मानता है।चर्च के शीर्ष पर से क्रॉस हटा लिए गए हैं, मुद्रित धार्मिक सामग्रियों और पवित्र चीजों को जब्त कर लिया गया है और चर्च द्वारा चलाए जाने वाले केजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। चर्च से राष्ट्रीय झंडा फहराने और संविधान को प्रदर्शित करने को कहा गया है जबकि सार्वजनिक स्थानों से धार्मिक प्रतिमाओं को हटाने को कहा गया है।