डोकलाम में चीन ने बढ़ाई सैनिकों और टैंकों की संख्या

डोकलाम में चीन ने बढ़ाई सैनिकों और टैंकों की संख्या

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच डोकलाम सीमा पर पिछले दो महीनों से बना हुआ तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। चीनी मीडिया में लगातार छप रही खबरों के मुताबिक चीन की सेना ने डोकलाम को लेकर पीछे न हटने का फैसला किया है। चीनी मीडिया में प्रकाशित एक ताजा रिर्पोट में दावा किया गया है कि चीन ने डोकलाम में युद्ध करने का मन बना लिया है। डोकलाम में चीनी सेना ने टैंकों की संख्या बढ़ा दी है। इसके साथ ही बताया गया है कि चीन ने डोकलाम में 800 सैनिकों के लिए नए तंबू भी गाढ़ दिए हैं।

वहीं एक दिन पूर्व चीनी न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि डोकलाम में सीमा विवाद भूटान और चीन के बीच है। भारत इस विवाद में बेवजह कूद रहा है। चीन ने अब तक इस मामले में पूरी सहनशीलता का परिचय दिया है। भारतीय सेना के करीब 50 सैनिक और एक बुलडोजर चीनी सीमा के भीतर मौजूद है। चीन भारत को कमतर करके आंकने की गलती नहीं करेगा। अगर चीन की सीमा के भीतर कोई ऐसी गतिविधि होगी जिससे चीन की सुरक्षा प्रभावित होती है तो सेना इसका जवाब जरूर देगी।

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चीनी मीडिया ने राउटर्स एजेंसी की उस रिपोर्ट को भी खारिज किया है जिसमें भारत और चीन के विदेश मंत्रालय के बीच राजनायिक ​स्तरीय बातचीत को असफल होने के दावे किए गए थे। चीनी मीडिया ने विदेश मंत्रालय के हवाले कहा है कि चीन और भारत के बीच हुई राजनायिक स्तरीय बातचीत जारी है। चीन डोकलाम समस्या का हल बातचीत के माध्यम से निकालने के प्रयास कर रहा है।

भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि चीन हमेशा से अपने दोहरे चरित्र के लिए वैश्विक स्तर पर आलोचना का शिकार होता रहा है। चीन की जमीन को लेकर भूख जग जाहिर है। तिब्बत जैसे स्वतंत्र देश पर कब्जा जमाने के बाद से दुनिया भर में चीन की निंदा होती रही है। अब वह भूटान के सीमा के जरिए एकबार फिर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। एक ओर चीन की सरकार भारत के साथ बातचीत कर रही है दूसरी ओर उसकी सेना सीमा पर अपनी ताकत बढ़ा रही है। वर्तमान परिस्थितियों को देखकर यही कहा जा सकता है कि चीन अपनी सैन्य ताकत दिखाकर भारत को आंख दिखाकर पीछे हटने के लिए मजबूर करना चाह रहा है। जिसमें वह इस बार कामयाब नहीं होगा। वैश्विक पटल पर कू​टनीती के लिहाज से भारत की स्थिति चीन की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूती है। जिस तरह से भारत पूरे धैर्य के साथ चीन को डोकलाम में आगे बढ़ने से रोके ​हुए है, उसके प्रयासों की दुनिया भर की मीडिया में प्रशंसा हो रही है।

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