चीन ने लद्दाख के 400 मीटर क्षेत्र में की घुसपैठ, सीमा पर लगाए पांच टेंट

चीन ने लद्दाख के 400 मीटर क्षेत्र में की घुसपैठ, सीमा पर लगाए पांच टेंट
चीन ने लद्दाख के 400 मीटर क्षेत्र में की घुसपैठ, सीमा पर लगाए पांच टेंट

नई दिल्ली। डोकलाम के बाद अब चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की है। चीन ने डोकलाम के बाद अब 4,057 किमी. के लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएलसी के कई जगहों पर अतिक्रमण किया है हाल ही में इस तरह की घटना पिछले महीने लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में हुई। यहां चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान भारतीय सीमा में 300 से 400 मीटर तक घुस आए और अपने 5 टेंट लगा दिए। हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोनों सेनाओं की ब्रिगेडियर स्तर पर हुई बातचीत के बाद चीन की आर्मी पीएलए ने तीन टेंट तो हटा लिए हैं लेकिन दो टेंट अभी भी मौजूद हैं।

China Intrudes 400 Meter Into Ladakh Along Line Of Actual Control After A Year In Doklam :

हालांकि सेना से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को जानकारी दी कि चीनी सेना ने चेरडोंग-नरलोंग नालान क्षेत्र में पांच में से तीन तंबुओं को हटा लिया है। चीन ने तीन तंबू दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई ब्रिगेडियर स्‍तर की वार्ता के बाद हटाए हैं। लेकिन अभी भी वहां चीनी सेना के दो तंबू मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इन तंबुओं में चीनी सैनिक अभी भी मुस्‍तैद हैं। प्रकाशित खबर के मुताबिक इस घटनाक्रम पर सेना के अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की गई लेकिन उन्‍होंने मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि पीएलए के सैनिक जुलाई के पहले सप्ताह में खानाबदोशों के वेष में मवेशियों के साथ भारतीय सीमा में घुस आए और भारतीय जवानों के बार-बार कहने के बाद भी नहीं लौटे। एलएसी पर टकराव रोकने के लिए ऐसी स्थितियों में ‘बैनर ड्रिल’ का प्रावधान है, जिसमें सेना दूसरे पक्ष को झंडा लहराकर अपने क्षेत्र में लौटने को कहती है। भारतीय सेना के लगातार ‘बैनर ड्रिल’ के बाद भी चीनी सैनिक अपने इलाके में नहीं लौटे।

सूत्रों की मानें तो पीएलए के सैनिकों ने जुलाई के पहले हफ्ते में भारतीय सीमा में घुसपैठ की। भारतीन सेना के बार-बार कहने पर भी वे वापस नहीं लौटे। जिसके बाद एलसी पर टकराव की स्थिति ना बनें इसके लिए भारत के सैनिकों ने बैनर ड्रिल भी की। बैनर ड्रिल का मतलब उन्हें झंडे दिखाकर चीन लौट जाने के लिए कहा। लेकिन उसके बाद भी चीनी सैनिक अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।

साथ ही ऐसी भी खबरें हैं कि चीनी सैनिकों ने लद्दाख प्रशासन की नेरलोंग इलाके में सड़क बनाने की शिकायत भी की। आपको बता दें कि डेमचोक उन 23 संवेदनशील इलाकों में आता है जिनकी एलसी पर पहचान हुई है। यह इलाका पूर्वी लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। यहां अक्सर दोनों सेनाओं के बीच गतिरोध बना रहता है इसकी वजह है अनसुलझी सीमा को लेकर अलग-अलग धारणाएं। दोनों सेनाएं एक दूसरे पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाती रहती हैं।

नई दिल्ली। डोकलाम के बाद अब चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की है। चीन ने डोकलाम के बाद अब 4,057 किमी. के लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएलसी के कई जगहों पर अतिक्रमण किया है हाल ही में इस तरह की घटना पिछले महीने लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में हुई। यहां चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान भारतीय सीमा में 300 से 400 मीटर तक घुस आए और अपने 5 टेंट लगा दिए। हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोनों सेनाओं की ब्रिगेडियर स्तर पर हुई बातचीत के बाद चीन की आर्मी पीएलए ने तीन टेंट तो हटा लिए हैं लेकिन दो टेंट अभी भी मौजूद हैं।हालांकि सेना से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को जानकारी दी कि चीनी सेना ने चेरडोंग-नरलोंग नालान क्षेत्र में पांच में से तीन तंबुओं को हटा लिया है। चीन ने तीन तंबू दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई ब्रिगेडियर स्‍तर की वार्ता के बाद हटाए हैं। लेकिन अभी भी वहां चीनी सेना के दो तंबू मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इन तंबुओं में चीनी सैनिक अभी भी मुस्‍तैद हैं। प्रकाशित खबर के मुताबिक इस घटनाक्रम पर सेना के अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की गई लेकिन उन्‍होंने मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।सूत्रों ने बताया कि पीएलए के सैनिक जुलाई के पहले सप्ताह में खानाबदोशों के वेष में मवेशियों के साथ भारतीय सीमा में घुस आए और भारतीय जवानों के बार-बार कहने के बाद भी नहीं लौटे। एलएसी पर टकराव रोकने के लिए ऐसी स्थितियों में 'बैनर ड्रिल' का प्रावधान है, जिसमें सेना दूसरे पक्ष को झंडा लहराकर अपने क्षेत्र में लौटने को कहती है। भारतीय सेना के लगातार 'बैनर ड्रिल' के बाद भी चीनी सैनिक अपने इलाके में नहीं लौटे।सूत्रों की मानें तो पीएलए के सैनिकों ने जुलाई के पहले हफ्ते में भारतीय सीमा में घुसपैठ की। भारतीन सेना के बार-बार कहने पर भी वे वापस नहीं लौटे। जिसके बाद एलसी पर टकराव की स्थिति ना बनें इसके लिए भारत के सैनिकों ने बैनर ड्रिल भी की। बैनर ड्रिल का मतलब उन्हें झंडे दिखाकर चीन लौट जाने के लिए कहा। लेकिन उसके बाद भी चीनी सैनिक अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।साथ ही ऐसी भी खबरें हैं कि चीनी सैनिकों ने लद्दाख प्रशासन की नेरलोंग इलाके में सड़क बनाने की शिकायत भी की। आपको बता दें कि डेमचोक उन 23 संवेदनशील इलाकों में आता है जिनकी एलसी पर पहचान हुई है। यह इलाका पूर्वी लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। यहां अक्सर दोनों सेनाओं के बीच गतिरोध बना रहता है इसकी वजह है अनसुलझी सीमा को लेकर अलग-अलग धारणाएं। दोनों सेनाएं एक दूसरे पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाती रहती हैं।