लद्दाख के इस खजाने के चक्कर में चीन की नजर हुई खराब

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लद्दाख के इस खजाने के चक्कर में चीन की नजर हुई खराब

नई दिल्‍ली: पिछले कुछ समय से चीन लद्दाख पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं। वह हर हाल में यहां पर कब्‍जा करना चाहता है, लेकिन भारत के कड़े रुख को देखते हुए उसकी यह चाल कामयाब नहीं हो पा रही है। एक बार फिर चीनी सेना ने एलएसी लाइन पार करते हुए भारतीय सीमा में घुसने की हिमाकत की तो उसको भारतीय सैनिकों की तरफ से करारा जवाब मिला। हालांकि बहुत ही कम लोग जानते हैं कि चीन की लद्दाख पर नजर यहां पर दबे अकूत खजाने पर है।

China Is Eyeing Ladakh Because Of This Treasure :

लद्दाख सामरिक दृष्टि के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी चीन के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण हैं। क्‍योंकि बताया जाता है कि यहां के पहाड़ यूरेनियम, ग्रेनाइट, सोने और रेअर अर्थ जैसी बहुमूल्‍य धातुओं से भरे पड़े हैं और चीन की नजर इन्‍हीं पर है। जिस गलवान रिजन में चीन और भारत के बीच विवाद चल रहा है, उसके ठीक पास में गोगरा पोस्‍ट के पास ‘गोल्‍डेन माउंटेन’ है। बताया जाता है कि इस पहाड़ पर सोने का बहुत बड़ा भंडार है, जिस कारण ड्रैगन बार-बार ऐसी हिमायत करने में लगा हुआ है।

इसके साथ ही लद्दाख के कई इलाकों में उच्‍च गुणवत्‍ता वाले यूरेनियम के भंडार मिले हैं। जिनसे केवल परमाणु बिजली के साथ-साथ परमाणु बम भी बनाए जा सकते हैं। साल 2007 में जर्मनी ने लद्दाख में कुछ पहाड़ों के नमूने लिए थे, जिसकी जांच के बाद उसने बताया था कि यहां पर 5.36 प्रतिशत यूरेनियम का भंडार है, जो पूरे देश में अन्‍य जगहों से मिले यूरेनियम से ज्‍यादा है। जिसके बाद से चीन की नजर इस जगह पर लगी हैं और वह हर हाल में इसको कब्‍जाना चाहता है।

परमाणु बम के लिए होता है यूरेनियम का प्रयोग

हाल ही में चीनी व‍िशेषज्ञों ने अमेरिका से बढ़ी टेंशन के बीच परमाणु बमों की संख्‍या को बढ़ाकर 1000 तक करने की सलाह दी है। एक अनुमान के मुताबिक चीन के पास अभी करीब 260 परमाणु बम है। चीन अगर 1000 परमाणु बम बनाता है तो उसे बड़े पैमाने पर यूरेनियम की जरूरत होगी। ऐसे में चीन यहां से यूरेनियम निकालकर अपने परमाणु बमों को बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

नई दिल्‍ली: पिछले कुछ समय से चीन लद्दाख पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं। वह हर हाल में यहां पर कब्‍जा करना चाहता है, लेकिन भारत के कड़े रुख को देखते हुए उसकी यह चाल कामयाब नहीं हो पा रही है। एक बार फिर चीनी सेना ने एलएसी लाइन पार करते हुए भारतीय सीमा में घुसने की हिमाकत की तो उसको भारतीय सैनिकों की तरफ से करारा जवाब मिला। हालांकि बहुत ही कम लोग जानते हैं कि चीन की लद्दाख पर नजर यहां पर दबे अकूत खजाने पर है। लद्दाख सामरिक दृष्टि के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी चीन के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण हैं। क्‍योंकि बताया जाता है कि यहां के पहाड़ यूरेनियम, ग्रेनाइट, सोने और रेअर अर्थ जैसी बहुमूल्‍य धातुओं से भरे पड़े हैं और चीन की नजर इन्‍हीं पर है। जिस गलवान रिजन में चीन और भारत के बीच विवाद चल रहा है, उसके ठीक पास में गोगरा पोस्‍ट के पास ‘गोल्‍डेन माउंटेन’ है। बताया जाता है कि इस पहाड़ पर सोने का बहुत बड़ा भंडार है, जिस कारण ड्रैगन बार-बार ऐसी हिमायत करने में लगा हुआ है। इसके साथ ही लद्दाख के कई इलाकों में उच्‍च गुणवत्‍ता वाले यूरेनियम के भंडार मिले हैं। जिनसे केवल परमाणु बिजली के साथ-साथ परमाणु बम भी बनाए जा सकते हैं। साल 2007 में जर्मनी ने लद्दाख में कुछ पहाड़ों के नमूने लिए थे, जिसकी जांच के बाद उसने बताया था कि यहां पर 5.36 प्रतिशत यूरेनियम का भंडार है, जो पूरे देश में अन्‍य जगहों से मिले यूरेनियम से ज्‍यादा है। जिसके बाद से चीन की नजर इस जगह पर लगी हैं और वह हर हाल में इसको कब्‍जाना चाहता है। परमाणु बम के लिए होता है यूरेनियम का प्रयोग हाल ही में चीनी व‍िशेषज्ञों ने अमेरिका से बढ़ी टेंशन के बीच परमाणु बमों की संख्‍या को बढ़ाकर 1000 तक करने की सलाह दी है। एक अनुमान के मुताबिक चीन के पास अभी करीब 260 परमाणु बम है। चीन अगर 1000 परमाणु बम बनाता है तो उसे बड़े पैमाने पर यूरेनियम की जरूरत होगी। ऐसे में चीन यहां से यूरेनियम निकालकर अपने परमाणु बमों को बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।