चीन अभी भी कोरोना वायरस की महत्वपूर्ण जानकारी छिपा रहा है – अमेरिका

us
चीन अभी भी कोरोना वायरस की महत्वपूर्ण जानकारी छिपा रहा है - अमेरिका

नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कोरोना वायरस प्रकोप के लिए चीन के खिलाफ आलोचना को तेज करते हुए मंगलवार को कहा है कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी अभी भी घातक कोरोना वायरस के बारे में दुनिया से जानकारी साझा करने से इनकार कर रही है। संक्रमण के मामलों को रोकने के लिए सही जानकारी की जरूरत है।    

China Is Still Hiding Important Information About Corona Virus America :

वाशिंगटन वाच रेडियो से बात करते हुए पॉम्पियो ने चीन पर लगाए अपने पुराने आरोप फिर दोहराए। उन्होंने कहा कि बीजिंग ने कोरोना वायरस के संक्रमण की जानकारी साझा करने में देरी की। इससे पूरी दुनिया के लोगों पर खतरा पैदा हो गया। उन्होंने हजारों लोगों की जान को खतरे में डाला।

चीन ने हजारों लोगों की जान को खतरे में डाला- अमेरिका

माइक पॉम्पियो ने कहा कि ‘मेरी दिलचस्पी इस बात में है कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी अभी भी कोरोना वायरस को कवर अप करने में लगी है, वो इस बारे में गलत जानकारी दे रही है। चीन अभी भी दुनिया को वो जानकारी नहीं दे रहा है, जिसके जरिए संक्रमण को रोका जा सके और इसके दोबारा पैदा होने के खतरे को कम किया जा सके।’

माइक पॉम्पियो ने ईरान और रूस पर भी गलत जानकारी देने के कैंपेन में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ रूस और ईरान भी गलत जानकारी देने के कैंपेन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वेलोग कह रहे हैं कि हो सकता है अमेरिकी सेना से संक्रमण फैला हो या फिर वो इटली को इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। ये सब जिम्मेदारी से भागने का तरीका है।

भविष्य में अमेरिका चीन के रिश्तों में आ सकता है बदलाव

माइक पॉम्पियो ने चीन की खूब आलोचना की। लेकिन वो कोरोना वायरस को चीन का या वुहान का वायरस नहीं बताया। पिछले दिनों ऐसा कहने पर बीजिंग ने आपत्ति जताई थी।

माइक पॉम्पियो ने कहा कि दुनिया को पता चलन चाहिए कि आखिर हो क्या रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट का वक्त है। हम चाहते हैं कि इस वक्त हर देश पारदर्शी तरीके से काम करे। वो जानकारी साझा करे कि आखिर चल क्या रहा है। ताकि पूरी दुनिया के स्वास्थ्य और ग्लोबल हेल्थ केयर को संक्रमण से निपटने में आसानी हो।

पॉम्पियो लगातार चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी और बीजिंग की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है कि चीन और अमेरिका के रिश्तों की दिशा क्या हो।  

नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कोरोना वायरस प्रकोप के लिए चीन के खिलाफ आलोचना को तेज करते हुए मंगलवार को कहा है कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी अभी भी घातक कोरोना वायरस के बारे में दुनिया से जानकारी साझा करने से इनकार कर रही है। संक्रमण के मामलों को रोकने के लिए सही जानकारी की जरूरत है।     वाशिंगटन वाच रेडियो से बात करते हुए पॉम्पियो ने चीन पर लगाए अपने पुराने आरोप फिर दोहराए। उन्होंने कहा कि बीजिंग ने कोरोना वायरस के संक्रमण की जानकारी साझा करने में देरी की। इससे पूरी दुनिया के लोगों पर खतरा पैदा हो गया। उन्होंने हजारों लोगों की जान को खतरे में डाला। चीन ने हजारों लोगों की जान को खतरे में डाला- अमेरिका माइक पॉम्पियो ने कहा कि ‘मेरी दिलचस्पी इस बात में है कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी अभी भी कोरोना वायरस को कवर अप करने में लगी है, वो इस बारे में गलत जानकारी दे रही है। चीन अभी भी दुनिया को वो जानकारी नहीं दे रहा है, जिसके जरिए संक्रमण को रोका जा सके और इसके दोबारा पैदा होने के खतरे को कम किया जा सके।’ माइक पॉम्पियो ने ईरान और रूस पर भी गलत जानकारी देने के कैंपेन में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ रूस और ईरान भी गलत जानकारी देने के कैंपेन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वेलोग कह रहे हैं कि हो सकता है अमेरिकी सेना से संक्रमण फैला हो या फिर वो इटली को इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। ये सब जिम्मेदारी से भागने का तरीका है। भविष्य में अमेरिका चीन के रिश्तों में आ सकता है बदलाव माइक पॉम्पियो ने चीन की खूब आलोचना की। लेकिन वो कोरोना वायरस को चीन का या वुहान का वायरस नहीं बताया। पिछले दिनों ऐसा कहने पर बीजिंग ने आपत्ति जताई थी। माइक पॉम्पियो ने कहा कि दुनिया को पता चलन चाहिए कि आखिर हो क्या रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट का वक्त है। हम चाहते हैं कि इस वक्त हर देश पारदर्शी तरीके से काम करे। वो जानकारी साझा करे कि आखिर चल क्या रहा है। ताकि पूरी दुनिया के स्वास्थ्य और ग्लोबल हेल्थ केयर को संक्रमण से निपटने में आसानी हो। पॉम्पियो लगातार चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी और बीजिंग की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है कि चीन और अमेरिका के रिश्तों की दिशा क्या हो।